सागरः गर्ल्स डिग्री कॉलेज में बीए प्रथम वर्ष के रिजल्ट पर बवाल, 1316 में से 999 छात्राओं को आई सप्लीमेंट्री
सागर, 05 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के सागर स्थित शासकीय कन्या स्नातकोत्तर (गर्ल्स डिग्री) कॉलेज में सोमवार को उस समय भारी हंगामा खड़ा हो गया, जब बीए प्रथम वर्ष के परीक्षा परिणाम सामने आए। एक ही संकाय की इतनी बड़ी संख्या में छात्राओं के सप्लीमेंट्री आने और फेल होने से आक्रोशित छात्राओं ने कॉलेज परिसर के बाहर जमकर प्रदर्शन किया और धरने पर बैठ गईं।
जानकारी के अनुसार, बीए प्रथम वर्ष की परीक्षा में कुल 1316 छात्राएं सम्मिलित हुई थीं। जब परिणाम घोषित हुआ, तो उसमें से करीब 999 छात्राओं को सप्लीमेंट्री (पूरक परीक्षा) दी गई है, जबकि 158 छात्राएं अनुत्तीर्ण (फेल) घोषित की गई हैं। केवल 159 छात्राएं ही पूरी तरह से पास हो सकी हैं। एक साथ 80 प्रतिशत से अधिक छात्राओं का परिणाम प्रभावित होने से कॉलेज परिसर में हड़कंप मच गया।
परिणामों की जानकारी मिलते ही आक्रोशित छात्राएं और उनके अभिभावक कॉलेज के मुख्य द्वार पर एकत्रित हो गए और कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए। स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हो गई जब कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आनंद तिवारी छात्राओं से बात करने गेट पर आए। छात्राओं और अभिभावकों ने प्राचार्य को चारों तरफ से घेर लिया और तीखी बहस शुरू कर दी। माहौल बिगड़ता देख सुरक्षा कर्मियों और सहयोगियों ने प्राचार्य को सुरक्षित उनके केबिन तक पहुंचाया। प्रदर्शन की सूचना मिलते ही पुलिस बल भी मौके पर पहुंच गया और स्थिति को संभालने का प्रयास किया।
छात्राओं की मांग: बिना फीस के हो कापियों का री-मूल्यांकन
प्रदर्शन कर रही छात्राओं का कहना था कि उन्होंने पूरी तैयारी के साथ परीक्षा दी थी। इतनी बड़ी संख्या में एक साथ सप्लीमेंट्री आना मूल्यांकन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े करता है। छात्राओं का आरोप है कि उत्तर पुस्तिकाओं की जांच में बड़ी लापरवाही या तकनीकी गड़बड़ी हुई है।
छात्राओं ने प्रशासन के समक्ष प्रमुख मांगें रखीं कि परीक्षा परिणाम और मूल्यांकन प्रक्रिया की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। सभी प्रभावित छात्राओं की उत्तर पुस्तिकाओं का पुनर्मूल्यांकन कराया जाए। पुनर्मूल्यांकन के लिए छात्राओं से किसी भी प्रकार का शुल्क (फीस) न लिया जाए। कॉलेज गेट पर प्रदर्शन के बाद छात्राएं रैली के रूप में कलेक्टर कार्यालय पहुंचीं और जिला प्रशासन को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कॉलेज के प्राचार्य आनंद तिवारी ने बताया कि स्थिति को देखते हुए तत्काल प्रभाव से एक जांच टीम गठित कर दी गई है। यह टीम छात्राओं के परीक्षा परिणाम, अंकसूची और संबंधित मूल्यांकन रिकॉर्ड की गहनता से जांच करेगी। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि इतने बड़े पैमाने पर सप्लीमेंट्री आने के पीछे क्या तकनीकी या मानवीय कारण रहे हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि छात्राओं के हित में उचित कदम उठाए जाएंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / मनीष कुमार चौबे

