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बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में बाघ का सड़ा-गला शव मिला, सात-आठ दिन पुराना होने की आशंका

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बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में बाघ का सड़ा-गला शव मिला, सात-आठ दिन पुराना होने की आशंका


उमरिया, 04 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के उमरिया जिले स्थित विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में एक बार फिर बाघ का शव मिलने से वन्यजीव संरक्षण को लेकर चिंता बढ़ गई है। मानपुर बफर परिक्षेत्र में नियमित गश्त के दौरान वन अमले को संदिग्ध परिस्थितियों में एक बाघ का सड़ा-गला शव मिला। प्रारंभिक जांच में शव करीब सात से आठ दिन पुराना होने का अनुमान लगाया गया है, हालांकि पार्क प्रबंधन ने प्रथम दृष्टया इसे स्वाभाविक मृत्यु का मामला बताया है।

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक डॉ. अनुपम सहाय ने बताया कि तीन अगस्त की दोपहर मानपुर बफर परिक्षेत्र के बीट मानपुर में नियमित गश्त के दौरान वनकर्मियों को बाघ का शव मिला। सूचना मिलते ही अधिकारियों ने घटनास्थल की घेराबंदी कर आसपास के क्षेत्र का विस्तृत निरीक्षण किया। देर शाम होने के कारण शव को रातभर सुरक्षा निगरानी में रखा गया।

उन्होंने बताया कि मंगलवार सुबह डॉग स्क्वॉड की सहायता से क्षेत्र में सघन तलाशी अभियान चलाया गया। मेटल डिटेक्टर से घटनास्थल की बारीकी से जांच की गई तथा हाथियों की मदद से आसपास के जंगल की भी तलाशी ली गई, लेकिन मौके से कोई संदिग्ध वस्तु अथवा अस्वाभाविक साक्ष्य नहीं मिला।

मृत बाघ का पोस्टमार्टम बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के वन्यजीव स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश तोमर और संजय टाइगर रिजर्व के वन्यजीव स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अभय सेंगर ने किया। परीक्षण में बाघ के सभी दांत और नाखून सुरक्षित पाए गए। शव अत्यधिक सड़ जाने के कारण उसका लिंग स्पष्ट नहीं हो सका, जबकि उसकी अनुमानित आयु चार से पांच वर्ष आंकी गई है।

पोस्टमार्टम के बाद आवश्यक विसरा नमूने वैज्ञानिक परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं, जिससे मृत्यु के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके। पूरी प्रक्रिया की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कराई गई। इसके बाद राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) के मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुसार बाघ के शव का अंतिम संस्कार किया गया।

कार्रवाई के दौरान राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के प्रतिनिधि अक्षय दलवी, जनप्रतिनिधि, नायब तहसीलदार तथा बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

उल्लेखनीय है कि बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में हाल के दिनों में बाघों की मौत की घटनाएं लगातार सामने आती रही हैं। ताजा घटना ने एक बार फिर बाघ संरक्षण और निगरानी व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि बाघ दिवस के आयोजन और उससे जुड़े दावों पर लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, इसलिए इस संबंध में वन विभाग की ओर से कोई आधिकारिक टिप्पणी सामने नहीं आई है।

हिन्दुस्थान समाचार / सुरेन्‍द्र त्रिपाठी