महंगाई भत्ते और सीपीसीटी की अनिवार्यता के विरोध में कर्मचारियों का प्रदर्शन, कैशलेस हेल्थ स्कीम जल्द लागू करने की मांग
भोपाल, 18 अगस्त (हि.स.)। आठ माह से लंबित महंगाई भत्ते और सीपीसीटी की अनिवार्यता के विरोध में तृतीय वर्ग कर्मचारी संगठन ने मंगलवार को राजधानी भाेपाल में मंत्रालय के सामने प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने नारेबाजी कर सरकार की नीतियों के खिलाफ नाराजगी जताई। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने जल्द कैशलेस हेल्थ स्कीम लागू करने सहित कई मांगें उठाईं।
तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ मध्य प्रदेश के महामंत्री उमाशंकर तिवारी ने बताया कि प्रदर्शन में संघ के पदाधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में कर्मचारी शामिल हुए। कर्मचारियों ने प्रदेश में कार्यरत और सेवानिवृत्त कर्मचारियों को 1 जनवरी 2026 से 2 प्रतिशत महंगाई भत्ता और महंगाई राहत देने की मांग की।
नए कर्मचारियों को 100% वेतन देने की मांग
कर्मचारी संघ ने नवनियुक्त कर्मचारियों को पहले तीन वर्षों में 70, 80 और 90 प्रतिशत वेतन देने के प्रावधान को समाप्त करने की मांग की। संघ का दावा है कि इस व्यवस्था के चलते प्रत्येक कर्मचारी को करीब 1.74 लाख से 4 लाख रुपए तक का आर्थिक नुकसान होता है। कर्मचारियों ने नियुक्ति के साथ ही 100 प्रतिशत वेतन देने की मांग की।
कैशलेस इलाज की सुविधा जल्द लागू करने की मांग
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि मुख्यमंत्री कर्मचारियों को कैशलेस इलाज की सुविधा देने की घोषणा कर चुके हैं, लेकिन अब तक योजना का लाभ कर्मचारियों को नहीं मिल रहा है। संघ ने सरकार से कैशलेस हेल्थ स्कीम को जल्द लागू करने की मांग की।
अनुकंपा नियुक्ति और पदोन्नति में सीपीसीटी की अनिवार्यता खत्म करने की मांग
कर्मचारियों ने सीपीसीटी की अनिवार्यता को लेकर भी विरोध जताया। संघ का कहना है कि सीधी भर्ती में सीपीसीटी की अनिवार्यता रखी जा सकती है, लेकिन अनुकंपा नियुक्ति और चतुर्थ श्रेणी से तृतीय श्रेणी में पदोन्नति के लिए इसकी बाध्यता समाप्त की जानी चाहिए। अनुकंपा नियुक्ति में सीपीसीटी की अनिवार्यता खत्म करने की मांग भी उठाई गई। इसके अलावा कर्मचारियों ने ई-अटेंडेंस व्यवस्था समाप्त करने की मांग भी की।
प्रदर्शन का नेतृत्व संघ के प्रदेश अध्यक्ष अतुल मिश्रा ने किया। इस दौरान संघ के जिला अध्यक्ष सलीम खान समेत अन्य पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे

