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दमोह: वृद्धा की संदिग्ध मौत के बाद महिलाओं का फूटा आक्रोश, सुरक्षा इंतजाम मजबूत करने की मांग

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दमोह: वृद्धा की संदिग्ध मौत के बाद महिलाओं का फूटा आक्रोश, सुरक्षा इंतजाम मजबूत करने की मांग


दमोह: वृद्धा की संदिग्ध मौत के बाद महिलाओं का फूटा आक्रोश, सुरक्षा इंतजाम मजबूत करने की मांग


दमोह: वृद्धा की संदिग्ध मौत के बाद महिलाओं का फूटा आक्रोश, सुरक्षा इंतजाम मजबूत करने की मांग


दमोह, 28 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश के दमोह में बजरिया वार्ड क्रमांक 8 स्थित नूरी नगर में मंगलवार को वृद्ध महिला की संदिग्ध मौत के बाद क्षेत्र में दहशत और आक्रोश का माहौल बन गया।

घटना के विरोध में वार्ड पार्षद हिना खान के नेतृत्व में मुस्लिम समाज की बड़ी संख्या में महिलाएं कलेक्ट्रेट पहुंचीं और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत किए जाने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। महिलाओं ने नूरी नगर सहित आसपास के संवेदनशील इलाकों में सीसीटीवी कैमरे लगाने, पुलिस चौकी स्थापित करने तथा नियमित गश्त बढ़ाने की मांग की।

दरअसल, मंगलवार सुबह सीता बावरी रोड स्थित एक किराए के मकान में अकेली रह रही लगभग 60 वर्षीय शरीफन बी मृत अवस्था में मिली थीं। महिला के मुँह में कपड़ा ठूंसा होना, कपड़ों का अस्त-व्यस्त होना तथा कमरे का दरवाजा बाहर से अटका मिलना पूरे मामले को संदिग्ध बना रहा है। सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस और सीएसपी एचआर पांडे मौके पर पहुंचे थे। पुलिस ने मर्ग कायम कर एफएसएल टीम, डॉग स्क्वॉड एवं फिंगरप्रिंट विशेषज्ञों की मदद से जांच प्रारंभ कर दी है।

इसी घटना के बाद क्षेत्र की महिलाओं में भय का वातावरण देखा गया। कलेक्ट्रेट पहुंचीं महिलाओं का कहना था कि नूरी नगर, बजरिया और आसपास के हिस्सों में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। सुनसान तिराहों और गलियों में असामाजिक तत्वों की आवाजाही बनी रहती है, जिससे महिलाओं और बुजुर्गों में असुरक्षा की भावना है। शरीफन बी की संदिग्ध मौत ने इस डर को और बढ़ा दिया है।

वार्ड पार्षद हिना खान ने कहा कि क्षेत्र में लंबे समय से सीसीटीवी निगरानी और पुलिस चौकी की आवश्यकता महसूस की जा रही है, लेकिन इस दिशा में अब तक ठोस कदम नहीं उठाए गए। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि घटना को गंभीरता से लेते हुए तत्काल सुरक्षा संबंधी स्थायी व्यवस्था की जाए, जिससे भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं पर अंकुश लग सके।

महिलाओं द्वारा सौंपा गया ज्ञापन डिप्टी कलेक्टर आरएल बागड़ी ने प्राप्त किया। ज्ञापन में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यदि क्षेत्र में निगरानी तंत्र मजबूत होता तो संदिग्ध गतिविधियों पर समय रहते नियंत्रण संभव था। महिलाओं ने रात्रिकालीन पुलिस गश्त बढ़ाने की भी मांग रखी।

इस दौरान कलेक्ट्रेट परिसर में एक स्थिति चर्चा का विषय बनी रही। बड़ी संख्या में महिलाएं कलेक्टर कार्यालय के गेट पर काफी देर तक खड़ी होकर किसी वरिष्ठ अधिकारी के बाहर आकर ज्ञापन लेने का इंतजार करती रहीं। इसी बीच प्रभारी एसडीएम रचना प्रजापति वहां से निकलीं, लेकिन महिलाओं के समूह से संवाद किए बिना आगे बढ़ गईं। इसे लेकर उपस्थित लोगों के बीच प्रशासनिक संवेदनशीलता को लेकर चर्चाएं होती रहीं।

फिलहाल शरीफन बी की मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और वैज्ञानिक जांच के बाद ही स्थिति साफ हो पाएगी। वहीं, घटना के बाद क्षेत्रीय नागरिकों ने महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की अपेक्षा जताई है।

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हिन्दुस्थान समाचार / हंसा वैष्णव