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दमोहः पुलिस की मुस्तैदी से लापता हुए भाई-बहन सकुशल मिले

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दमोहः पुलिस की मुस्तैदी से लापता हुए भाई-बहन सकुशल मिले


दमोहः पुलिस की मुस्तैदी से लापता हुए भाई-बहन सकुशल मिले


दमोह, 11 मई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के दमोह शहर में रविवार को लापता हुए दो मासूम बच्चों को पुलिस ने संवेदनशीलता और लगातार चलाए गए सर्च अभियान के चलते देर रात दोनों बच्चों को सुरक्षित खोज निकाला। बच्चों के सकुशल मिलने के बाद परिजनों ने राहत की सांस लेते हुए दमोह पुलिस का आभार व्यक्त किया।

जानकारी के अनुसार शहर के मागंज वार्ड-3 निवासी परिवार के 10 वर्षीय पुत्र और 7 वर्षीय पुत्री रविवार की दोपहर घर से अचानक कहीं चले गए थे। काफी देर तक दोनों बच्चों का कोई पता नहीं चलने पर परिवार ने आसपास के क्षेत्रों में तलाश शुरू की, लेकिन सफलता नहीं मिलने पर घबराए परिजन सिटी कोतवाली पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी मनीष कुमार ने तत्काल गुमशुदगी दर्ज कर पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी को पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश मिलते ही कोतवाली पुलिस पूरी सक्रियता के साथ बच्चों की तलाश में जुट गई।

बच्चों की सुरक्षित तलाश के लिए अलग-अलग पुलिस टीमों का गठन किया गया। पुलिस ने शहर के रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, जिला अस्पताल, बाजार क्षेत्र, सार्वजनिक स्थानों और बच्चों के घर के आसपास के इलाकों में लगातार सर्चिंग अभियान चलाया। पुलिस टीमों ने स्थानीय नागरिकों, दुकानदारों और राहगीरों से पूछताछ कर बच्चों के संभावित मूवमेंट की जानकारी जुटाई। बताया गया कि पुलिस ने तकनीकी संसाधनों और स्थानीय सूचनाओं का भी सहारा लिया। कई स्थानों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए और बच्चों के संभावित आने-जाने वाले मार्गों पर विशेष निगरानी रखी गई। पुलिस की इसी त्वरित और व्यवस्थित कार्रवाई का परिणाम रहा कि देर रात दोनों बच्चों को सुरक्षित खोज लिया गया।

बच्चों के सुरक्षित मिलने की सूचना मिलते ही परिवार की चिंता खुशी में बदल गई। परिजनों की आंखों में राहत के आंसू दिखाई दिए। कोतवाली पहुंचकर परिवार ने पुलिस अधिकारियों और पूरी टीम का धन्यवाद करते हुए कहा कि पुलिस की तत्परता से उनके बच्चों की सुरक्षित वापसी संभव हो सकी।

थाना प्रभारी मनीष कुमार ने बताया कि दोनों बच्चे पूरी तरह सुरक्षित हैं। आवश्यक पूछताछ और समझाइश के बाद बच्चों को परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि छोटे बच्चों पर विशेष निगरानी रखें और उन्हें घर का पता एवं माता-पिता के मोबाइल नंबर जैसी जरूरी जानकारी अवश्य सिखाएं।

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हिन्दुस्थान समाचार / हंसा वैष्णव