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दमोह जिला जेल में नई बैरक का लोकार्पण, मंत्री परमार ने बंदियों को दिया सकारात्मक जीवन का संदेश

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दमोह जिला जेल में नई बैरक का लोकार्पण, मंत्री परमार ने बंदियों को दिया सकारात्मक जीवन का संदेश


दमोह जिला जेल में नई बैरक का लोकार्पण, मंत्री परमार ने बंदियों को दिया सकारात्मक जीवन का संदेश


दमोह जिला जेल में नई बैरक का लोकार्पण, मंत्री परमार ने बंदियों को दिया सकारात्मक जीवन का संदेश


दमोह, 14 मई (हि.स.) । दमोह जिले के प्रभारी मंत्री इंदर सिंह परमार ने गुरुवार को जिला मुख्यालय स्थित जिला जेल परिसर में नवनिर्मित डबल स्टोरी जेल बैरक का लोकार्पण किया। लगभग 1 करोड़ 8 लाख 64 हजार रुपए की लागत से निर्मित इस नई बैरक में करीब 40 बंदियों को रखने की क्षमता विकसित की गई है। कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने जेलों को सुधार और पुनर्वास का केंद्र बताते हुए बंदियों को सकारात्मक जीवन अपनाने का संदेश दिया।

लोकार्पण समारोह में प्रभारी मंत्री परमार के जिला जेल परिसर पहुंचने पर जेल प्रशासन द्वारा उनका स्वागत किया गया। मंत्री परमार ने सबसे पहले जेल रजिस्टर में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। उनके साथ दमोह सांसद राहुल सिंह लोधी, विधायक जयंत मलैया, कलेक्टर प्रताप नारायण यादव, पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी, भाजपा जिला अध्यक्ष श्याम शिवहरे सहित कई जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। जेल परिसर में प्रवेश के बाद प्रभारी मंत्री ने परिसर में स्थित विशाल श्रीराम भक्त हनुमान प्रतिमा के समक्ष दंडवत होकर श्रद्धापूर्वक प्रणाम किया। इसके बाद उन्होंने नवनिर्मित बैरक का फीता काटकर लोकार्पण किया तथा भवन का निरीक्षण भी किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रभारी मंत्री परमार ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार जेल व्यवस्थाओं को अधिक मानवीय और सुधारात्मक बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि जेल केवल दंड का स्थान नहीं बल्कि आत्मचिंतन और सुधार का केंद्र भी है। समाज में सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है, लेकिन इसके साथ ही उन लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाना भी आवश्यक है जो किसी कारणवश जेल पहुंच जाते हैं।

उन्होंने कहा कि जेलों में बंदियों के लिए योग, साक्षरता अभियान, आध्यात्मिक गतिविधियां और रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं ताकि बंदी रिहाई के बाद समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें। मंत्री परमार ने कहा कि भारतीय संस्कृति में प्रायश्चित की परंपरा रही है और यदि व्यक्ति सच्चे मन से आत्ममंथन करे तो वह अपने जीवन को नई दिशा दे सकता है। प्रभारी मंत्री ने बंदियों से जेल में दी जा रही सकारात्मक ट्रेनिंग और अनुशासन को अपने जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जेल से बाहर निकलने के बाद बंदियों को समाज में अच्छे नागरिक के रूप में अपनी नई पहचान स्थापित करनी चाहिए।

सांसद राहुल सिंह लोधी ने कहा कि सरकार जेलों में सुधारात्मक गतिविधियों को बढ़ावा देकर बंदियों को आत्मनिर्भर और सकारात्मक जीवन की ओर प्रेरित कर रही है। विधायक जयंत मलैया ने कहा कि समाज में सुधार और संवेदनशीलता की भावना को मजबूत करने की आवश्यकता है।

लोकार्पण समारोह में जेल उप अधीक्षक मांगीलाल पटेल द्वारा अतिथियों का मान-वंदन किया गया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष रंजीता गौरव पटेल, पार्षद कविता राय, अपर कलेक्टर मीना मसराम, एसडीएम सौरव गंधर्व, तहसीलदार रॉबिन जैन, थाना प्रभारी मनीष कुमार सहित बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी एवं जेल विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में प्रभारी मंत्री परमार ने जेल में बंद कैदियों को फल वितरित किए तथा उनसे सकारात्मक सोच और अनुशासन के साथ जीवन में आगे बढ़ने का आह्वान किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / हंसा वैष्णव