दमोह: नेशनल लोक अदालत के लिए जिले में 20 खंडपीठें होंगी गठित
दमोह, 02 सितंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के दमोह जिले में 12 सितंबर 2026 को आयोजित वर्ष की तीसरी नेशनल लोक अदालत के लिए करीब 20 खंडपीठों का गठन किया जा रहा है।
नेशनल लोक अदालत के प्रति आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से बुधवार को जिला मुख्यालय स्थित जिला न्यायालय परिसर से प्रचार रथ रवाना किया गया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुभाष सोलंकी ने प्रचार रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान न्यायाधीशगण, जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष मुकेश पांडे, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव श्रीमती उषाकांत कृष्णा, अधिकारी रजनीश चौरसिया सहित न्यायालय परिवार के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
प्रचार रथ के माध्यम से जिले के विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर नागरिकों को नेशनल लोक अदालत के बारे में जानकारी दी जाएगी। लोगों को बताया जाएगा कि आपसी सहमति और सुलह-समझौते के माध्यम से निराकरण योग्य प्रकरणों का समाधान लोक अदालत में कराया जा सकता है।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुभाष सोलंकी ने कहा कि लोक अदालत विवादों के शांतिपूर्ण समाधान का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा कि लोक अदालत में कोई हारता नहीं है, बल्कि आपसी सहमति से दोनों पक्षों की जीत होती है। उन्होंने आमजन से अपील की कि वे अपने निराकरण योग्य प्रकरणों के संबंध में जानकारी प्राप्त कर 12 सितंबर को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत का लाभ उठाएं।
जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष मुकेश पांडे ने कहा कि अधिवक्ता संघ द्वारा लोक अदालत जैसे जनहितकारी आयोजनों में लगातार सहयोग किया जाता रहा है। उन्होंने कहा कि इस बार भी जिले के अधिवक्ताओं की ओर से नेशनल लोक अदालत के सफल आयोजन में पूरा सहयोग प्रदान किया जाएगा। आपसी सहमति से विवादों का समाधान होने से पक्षकारों के समय और धन की बचत होती है तथा उन्हें लंबी न्यायिक प्रक्रिया से राहत मिलती है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव श्रीमती उषाकांत कृष्णा ने बताया कि जिले में करीब 20 खंडपीठों का गठन किया जा रहा है। इन खंडपीठों के माध्यम से अधिक से अधिक प्रकरणों के निराकरण का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रचार रथ के माध्यम से जिले के विभिन्न क्षेत्रों में लोगों को नेशनल लोक अदालत की जानकारी दी जाएगी, ताकि अधिक से अधिक नागरिक इसका लाभ उठा सकें।
नेशनल लोक अदालत में आपसी सहमति से विवादों का समाधान होने से पक्षकारों को राहत मिलने के साथ न्यायालयों में लंबित मामलों के निराकरण में भी सहायता मिलती है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने आमजन से अपील की है कि वे 12 सितंबर को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत में पहुंचकर अपने प्रकरणों के समाधान का अवसर प्राप्त करें।
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हिन्दुस्थान समाचार / हंसा वैष्णव

