दमोह कलेक्टर अचानक वृद्धाश्रम पहुंचे, बुजुर्ग बहनों ने बांधी राखी; बैंक के 22 कर्मचारियों का तीन दिन का वेतन काटने के निर्देश
दमोह, 24 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के दमोह कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने सोमवार को जिले के विभिन्न संस्थानों और कार्यालयों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने वृद्धाश्रम पहुंचकर वहां रह रहे बुजुर्गों से आत्मीय संवाद किया और उनकी समस्याओं तथा उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। वृद्धाश्रम में रहने वाली बुजुर्ग माताओं और बहनों ने कलेक्टर की कलाई पर राखी बांधी। कलेक्टर ने भी उन्हें स्नेह देते हुए उनकी देखभाल और बेहतर व्यवस्थाओं के प्रति आश्वस्त किया।
कलेक्टर ने वृद्धाश्रम में बुजुर्गों से भोजन, दैनिक आवश्यकताओं, आवास, साफ-सफाई सहित अन्य सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने बुजुर्गों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक समस्याओं का तत्काल निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वृद्धाश्रम में रहने वाले बुजुर्गों को गुणवत्तापूर्ण भोजन, स्वच्छ वातावरण और सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। भोजन की गुणवत्ता और साफ-सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने के निर्देश देते हुए उन्होंने वृद्धाश्रम की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए दो अतिरिक्त कर्मचारियों को बढ़ाने की अनुमति भी प्रदान की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बुजुर्गों की देखभाल में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उनकी समस्याओं को संवेदनशीलता के साथ सुना जाए और उपलब्ध संसाधनों के माध्यम से उनका शीघ्र निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
जिला सहकारी बैंक में 22 कर्मचारी मिले अनुपस्थित
वृद्धाश्रम के बाद कलेक्टर ने जिला सहकारी बैंक का भी आकस्मिक निरीक्षण किया। सुबह करीब 10:30 बजे किए गए निरीक्षण में 22 कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। कर्मचारियों की इतनी बड़ी संख्या में गैरहाजिरी पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई और सभी अनुपस्थित कर्मचारियों का तीन-तीन दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने बैंक की कार्यप्रणाली के साथ कार्यालय की स्वच्छता व्यवस्था का भी जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को कार्यालय परिसर में साफ-सफाई बनाए रखने और कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकारी कार्यालयों में आने वाले नागरिकों को अपने कार्यों के लिए अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए।
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने कहा कि जिले में आकस्मिक निरीक्षण की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने सभी अधिकारी-कर्मचारियों से समय की पाबंदी, कार्यालयीन अनुशासन, स्वच्छता और आमजन से जुड़े कार्यों के समयबद्ध निराकरण को प्राथमिकता देने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि निरीक्षण के दौरान लापरवाही या अनियमितता मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर के इन औचक निरीक्षणों से प्रशासनिक अमले में जवाबदेही और समयबद्धता का संदेश गया है। एक ओर उन्होंने वृद्धाश्रम में बुजुर्गों की समस्याएं आत्मीयता से सुनीं, वहीं दूसरी ओर कार्यालयों में लापरवाही और अनुपस्थिति पर सख्ती बरतते हुए प्रशासनिक व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया।
हिन्दुस्थान समाचार / हंसा वैष्णव

