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दमोह में प्रशासनिक सख्ती, औचक निरीक्षण में एसडीएम सहित 24 अधिकारी-कर्मचारी अनुपस्थित

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दमोह में प्रशासनिक सख्ती, औचक निरीक्षण में एसडीएम सहित 24 अधिकारी-कर्मचारी अनुपस्थित


दमोह में प्रशासनिक सख्ती, औचक निरीक्षण में एसडीएम सहित 24 अधिकारी-कर्मचारी अनुपस्थित


दमोह में प्रशासनिक सख्ती, औचक निरीक्षण में एसडीएम सहित 24 अधिकारी-कर्मचारी अनुपस्थित


दमोह, 21 मई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के दमोह जिले में प्रशासनिक व्यवस्था को दुरुस्त करने और शासकीय कार्यालयों में जवाबदेही तय करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने गुरुवार को शहर के विभिन्न सरकारी कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया, जिसमें एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार समेत 24 अधिकारी-कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने एसडीएम कार्यालय दमोह, तहसील कार्यालय दमोह, तहसील कार्यालय दमयंती नगर तथा जनपद पंचायत कार्यालय का जायजा लिया। इस दौरान कई अधिकारी और कर्मचारी बिना सूचना के अनुपस्थित मिले। प्रशासन ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए सभी को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं।

जांच में चार वरिष्ठ अधिकारियों सहित कुल 24 कर्मचारियों की अनुपस्थिति सामने आई। इनमें जनपद पंचायत कार्यालय की स्थिति सबसे अधिक चिंताजनक रही, जहां अकेले 14 कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। इस पर कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।

कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने स्पष्ट कहा कि सरकारी कार्यालय जनता की सेवा के लिए हैं। यदि नागरिक अपने जरूरी कार्यों के लिए कार्यालय पहुंचें और जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारी मौजूद न मिलें, तो यह जनता के अधिकारों के साथ अन्याय है। उन्होंने चेतावनी दी कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर संबंधितों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राजस्व प्रकरण, नामांतरण, सीमांकन, पेंशन, प्रमाण-पत्र और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जुड़े मामलों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोगों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

प्रशासन ने निगरानी व्यवस्था को और सख्त करते हुए जिले की सभी तहसीलों और अनुभागीय कार्यालयों में ‘सार्थक ऐप’ लागू कर दिया है। अब अधिकारी और कर्मचारी डिजिटल माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज करेंगे, जिससे वास्तविक समय में मॉनिटरिंग की जा सकेगी।

कलेक्टर ने कहा कि शासन की प्राथमिकता साफ है, अधिकारी समय पर कार्यालय पहुंचे, जनता के कार्य समय पर पूरे हों और आम लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

हिन्दुस्थान समाचार / हंसा वैष्णव