एसपी की दो टूक: अपराधियों में पुलिस का खौफ और आमजन में सुरक्षा का भरोसा दिखना चाहिए
जबलपुर, 08 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के जबलपुर में आगामी नवरात्रि और दशहरा पर्व के मद्देनजर कानून-व्यवस्था को लेकर पुलिस ने कमर कस ली है। पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय ने गुरुवार को पुलिस कंट्रोल रूम में अपराध समीक्षा बैठक लेकर जिलेभर के राजपत्रित अधिकारियों, थाना और चौकी प्रभारियों को लंबित अपराधों के त्वरित निराकरण और त्योहारों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्त दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर आयुष जाखड़, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनीष भारद्वाज, एएसपी जोन-4 अंजना तिवारी, एएसपी जोन-2 पल्लवी शुक्ला, एएसपी ट्रैफिक अखिलेश तिवारी, एएसपी बीएस गोठरिया सहित जिले के सभी राजपत्रित अधिकारी, थाना प्रभारी और चौकी प्रभारी मौजूद रहे।
एसपी ने थानावार लंबित गंभीर अपराधों की समीक्षा की। हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, झपटमारी, नकबजनी, एससी-एसटी एक्ट और महिला संबंधी अपराधों के मामलों में आरोपियों की गिरफ्तारी तथा विवेचना जल्द पूरी कर चालान पेश करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि धारा 363 आईपीसी एवं धारा 137(2) बीएनएस के तहत दर्ज मामलों में अपहृत नाबालिग बालक-बालिकाओं की दस्तयाबी के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएं। यदि किसी अपहृत के जिले से बाहर होने की जानकारी मिले तो तत्काल टीम गठित कर संबंधित स्थान पर भेजी जाए।
महिला संबंधी अपराधों और शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए एसपी ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पीड़िताओं की शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण हो और आरोपी की गिरफ्तारी के बाद विवेचना जल्द पूरी कर चालान न्यायालय में पेश किया जाए।
बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए सभी थानों में संचालित साइबर हेल्प डेस्क को सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए। साइबर फ्रॉड, सोशल मीडिया फ्रॉड और अन्य ऑनलाइन अपराधों में पीड़ित को गोल्डन ऑवर में राहत दिलाने के लिए तत्काल प्रतिक्रिया और कार्रवाई पर जोर दिया गया।
गुम मोबाइल की शिकायतों पर भी तेजी से कार्रवाई करते हुए संबंधित पोर्टल के माध्यम से मोबाइल की तलाश कर उन्हें उनके वास्तविक मालिकों तक वापस पहुंचाने के निर्देश दिए गए।
एसपी ने सीएम हेल्पलाइन, वरिष्ठ कार्यालयों और जनसुनवाई से प्राप्त शिकायतों की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों का समयबद्ध और प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया जाए। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
गंभीर अपराधों और साइबर फ्रॉड से जुड़े फरार आरोपियों तथा वारंटियों की गिरफ्तारी के लिए जिले के बाहर पुलिस टीम भेजने के निर्देश भी दिए गए।
आगामी नवरात्रि, दुर्गा उत्सव और दशहरा को लेकर एसपी ने सभी थाना प्रभारियों से उनके क्षेत्रों में होने वाले गरबा, भंडारे, चल समारोह और प्रतिमा स्थापना की जानकारी ली।
उन्होंने निर्देश दिए कि प्रतिमाएं पारंपरिक स्थानों पर ही स्थापित हों और जुलूस पारंपरिक मार्ग से निकाले जाएं। संवेदनशील क्षेत्रों में फिक्स पिकेट तैनात करने के साथ पुलिस को लगातार भ्रमण करते रहने के निर्देश दिए गए।
प्रत्येक प्रतिमा की जिम्मेदारी संबंधित बीट के आरक्षक, प्रधान आरक्षक, सहायक उप निरीक्षक या बीट प्रभारी को सौंपने को कहा गया है। प्रतिमा स्थापना से लेकर विसर्जन तक संबंधित पुलिसकर्मी को पूरी जानकारी रखनी होगी।
एसपी ने पंडालों में अग्निशमन यंत्र और रेत से भरी बाल्टियां रखने के निर्देश दिए। विद्युत सजावट में कटे-फटे तारों का इस्तेमाल नहीं करने तथा इस तरह लाइटिंग करने को कहा गया कि फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस, पुलिस और अन्य आपातकालीन वाहन आसानी से निकल सकें।
बड़े पंडालों में सीसीटीवी कैमरे लगाने और दो-दो वालंटियर्स की चौबीस घंटे मौजूदगी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। विसर्जन स्थलों पर होमगार्ड जवानों और स्थानीय तैराकों की मौजूदगी सुनिश्चित करने को कहा गया।
मंदिरों में जल चढ़ाने जाने वाली महिलाओं के मार्गों पर पर्याप्त रोशनी और पुलिस पेट्रोलिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बड़े आयोजन स्थलों पर जहां भारी भीड़ जुटती है और अलग निकासी द्वार नहीं है, वहां अनिवार्य रूप से अतिरिक्त एग्जिट गेट बनवाने को कहा गया।
एसपी ने दो पक्षों के बीच पूर्व में हुए विवादों की जानकारी जुटाकर संबंधित लोगों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करने और फाइनल बाउंड ओवर कराने के निर्देश दिए, ताकि बंधपत्र का उल्लंघन करने पर प्रभावी कानूनी कार्रवाई की जा सके।
उन्होंने असामाजिक और विध्नसंतोषी तत्वों पर लगातार नजर रखने तथा संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस की सक्रिय मौजूदगी बढ़ाने को कहा। थाना स्तर पर शांति समिति की बैठकों में सामने आए सुझावों और समस्याओं पर भी तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
एसपी ने सभी शासकीय पुलिस वाहनों में बलवा ड्रिल सामग्री, टियर गैस, टॉर्च, वीडियो कैमरा और लाउड हेलर रखने के निर्देश दिए। वाहनों का पीए सिस्टम और सायरन चालू हालत में रखने को कहा गया।
बैठक के अंत में एसपी सम्पत उपाध्याय ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि छोटी से छोटी घटना की सूचना मिलने पर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंचे और विधि सम्मत कार्रवाई करे। पुलिस की कार्रवाई पूरी तरह निष्पक्ष होनी चाहिए। आम नागरिकों में पुलिस के प्रति सुरक्षा का भाव और असामाजिक तत्वों, गुंडे-बदमाशों में पुलिस का खौफ दिखाई देना चाहिए।
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हिन्दुस्थान समाचार / विलोक पाठक

