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अदालत का आदेश: किरायेदार को नहीं किया जा सकता जबरन बेदखल

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अदालत का आदेश: किरायेदार को नहीं किया जा सकता जबरन बेदखल


अशोकनगर, 02 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अशोकनगर शहर के स्टेशन रोड पर स्थित अग्रवाल पैलेस के पास एक किराये की दुकान को लेकर चल रहा विवाद गुरुवार को अदालत के फैसले के बाद नया मोड़ ले चुका है। अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि किरायेदार बलराम कोहली को उनकी दुकान से जबरन और बलपूर्वक बेदखल नहीं किया जा सकता है। इस आदेश ने शहर में इस तरह के विवादों के लिए एक महत्वपूर्ण नजीर पेश की है।

36 साल से किरायेदार, राजनैतिक दबाव का आरोप:बलराम कोहली के वकील, एडवोकेट चंद्रशेखर साहु ने अदालत में दलील दी कि कोहली पिछले 36 वर्षों से इस दुकान में व्यापार कर रहे हैं और 2023 तक का किराया नियमित रूप से अदा किया है। साहू का आरोप है कि दुकान मालिक जयप्रकाश अग्रवाल अपने राजनैतिक प्रभाव का इस्तेमाल कर दुकान पर जबरदस्ती कब्जा करना चाहते थे। जब कोहली ने किराया देना चाहा, तो अग्रवाल ने उसे लेने से मना कर दिया।

मारपीट और ताला तोडऩे की धमकी:मामले ने और भी गंभीर रूप तब ले लिया जब बुधवार को जयप्रकाश अग्रवाल और उनके पुत्रों पर आरोप लगा कि उन्होंने बलराम कोहली के साथ मारपीट की और दुकान का ताला तोडऩे की धमकी दी। इस संबंध में सिटी कोतवाली में शिकायत भी दर्ज कराई गई, लेकिन एडवोकेट साहु का दावा है कि पुलिस ने इस मामले में कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं की।

निषेधाज्ञा आवेदन पर अदालत की रोक:इस स्थिति में, एडवोकेट चंद्रशेखर साहु ने अदालत में निषेधाज्ञा आवेदन प्रस्तुत किया। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए, बलराम कोहली की दुकान संचालन में बाधा उत्पन्न न करने और उन्हें दुकान से बेदखल न करने के आदेश जारी किए। यह आदेश कोहली के लिए एक बड़ी राहत है।

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हिन्दुस्थान समाचार / देवेन्द्र ताम्रकार