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अनूपपुर: स्थानांतरण प्रक्रिया पर बढ़ा विवाद, आयोग अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

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अनूपपुर: स्थानांतरण प्रक्रिया पर बढ़ा विवाद, आयोग अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र


अनूपपुर, 17 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में प्रशासनिक स्थानांतरण प्रक्रिया को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। मध्य प्रदेश राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष रामलाल रौतेल ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर जिला स्थानांतरण बोर्ड की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

उन्होंने स्थानांतरण प्रक्रिया में संशोधन की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन दो दिनों के भीतर आवश्यक सुधार नहीं करता, तो वे कलेक्ट्रेट के समक्ष शांतिपूर्ण धरने पर बैठेंगे।

मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में रामलाल रौतेल ने आरोप लगाया है कि जिला स्थानांतरण बोर्ड द्वारा जारी स्थानांतरण सूची में शासन के मानवीय दृष्टिकोण और प्रचलित दिशा-निर्देशों की अनदेखी की गई है। उनके अनुसार, प्रशासनिक विसंगतियों के कारण जिले के शासकीय कर्मचारियों में असंतोष का माहौल बना हुआ है।

पत्र में विशेष रूप से दिव्यांग कर्मचारियों, निर्वाचन जैसे महत्वपूर्ण कार्यों से जुड़े कर्मचारियों तथा महिला कर्मचारियों के स्थानांतरण में संवेदनशीलता नहीं बरतने पर चिंता व्यक्त की गई है। आयोग का कहना है कि इन वर्गों के लिए शासन द्वारा निर्धारित विशेष प्रावधानों और मानवीय आधारों का पालन किया जाना आवश्यक था, लेकिन स्थानांतरण प्रक्रिया में इनका समुचित ध्यान नहीं रखा गया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए आयोग अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री, जिले के प्रभारी मंत्री और कलेक्टर को पत्र भेजकर स्थानांतरण आदेशों की निष्पक्ष समीक्षा कराने की मांग की है। उन्होंने आग्रह किया है कि नियमों के विपरीत जारी हुए स्थानांतरण आदेशों में तत्काल न्यायसंगत संशोधन किया जाए, ताकि किसी भी कर्मचारी के साथ अन्याय न हो और प्रशासनिक प्रक्रिया की पारदर्शिता एवं गरिमा बनी रहे।

रामलाल रौतेल ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार का टकराव पैदा करना नहीं, बल्कि न्याय और पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन आगामी दो दिनों के भीतर आवश्यक सुधार नहीं करता, तो आयोग जनहित में कलेक्ट्रेट के समक्ष शांतिपूर्ण धरना देने के लिए बाध्य होगा। साथ ही, उन्होंने इस पूरे मामले के लिए संबंधित प्रशासन और जिला स्थानांतरण बोर्ड को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला