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कांग्रेस का प्रदेश सरकार और केंद्र पर हमला, जीतू पटवारी बाेले- “मध्य प्रदेश में ‘किसान कल्याण’ नहीं, ‘किसान शोषण’ का दौर”

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कांग्रेस का प्रदेश सरकार और केंद्र पर हमला, जीतू पटवारी बाेले- “मध्य प्रदेश में ‘किसान कल्याण’ नहीं, ‘किसान शोषण’ का दौर”


भोपाल, 10 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जितेंद्र सिंह पटवारी ने शुक्रवार को भोपाल में पत्रकारों से बातचीत के दौरान मध्य प्रदेश सरकार और केंद्र पर तीखा हमला बोला। उन्होंने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान पर भी किसानों की अनदेखी करने का आरोप लगाया।

जीतू पटवारी ने तंज कसते हुए कहा कि जो शिवराज सिंह चौहान खुद को कभी “पांव-पांव वाले भैया” और “किसान पुत्र” बताते थे, वे अब “हवाई जहाज वाले भैया” बन गए हैं और किसानों की समस्याओं से दूर हो चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान भाजपा ने किसानों को “मोदी की गारंटी” के तहत सोयाबीन 6000 रूपये, गेहूं 2700 रूपये और धान 3100 रूपये प्रति क्विंटल देने का वादा किया था, लेकिन जमीनी हकीकत इसके विपरीत है। किसानों को अपनी उपज कम कीमत पर बेचने को मजबूर होना पड़ रहा है।

पीसीसी चीफ पटवारी ने कहा, “एक जिम्मेदार विपक्ष के नाते मेरा कर्तव्य है कि मैं सरकार को उसके वादे याद दिलाऊं, भले ही इसके लिए प्रतीकात्मक रूप से अनाज की बोरी लेकर जाना पड़े।” केंद्रीय स्तर पर किसानों की आय बढ़ने के दावों पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि सागर और विदिशा की मंडियों के दौरे में उन्हें व्यापक असंतोष देखने को मिला। उनके मुताबिक, बड़ी संख्या में किसान सरकार के दावों को गलत बता रहे हैं और प्रदेश का बड़ा किसान वर्ग कर्ज के बोझ से जूझ रहा है।

उन्होंने गेहूं उपार्जन में देरी का आरोप लगाते हुए कहा कि इससे किसानों को नुकसान हुआ और उन्हें मजबूरी में फसल व्यापारियों को कम दाम पर बेचनी पड़ी। पटवारी ने इसे “किसानों के साथ आर्थिक अन्याय” करार दिया। मुख्यमंत्री मोहन यादव पर निशाना साधते हुए पटवारी ने कहा कि प्रदेश में भ्रष्टाचार “कैंसर की तरह फैल चुका है” और प्रशासनिक तंत्र पर माफियाओं का प्रभाव बढ़ता जा रहा है। हालिया तबादलों को उन्होंने “लेन-देन आधारित” बताते हुए इसकी निष्पक्षता पर सवाल उठाए।

उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि वे “तबादला उद्योग” पर रोक लगाकर विशेषज्ञों के साथ बैठकर किसानों और प्रदेश की समस्याओं का समाधान खोजें। साथ ही चेतावनी दी कि यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो आगामी चुनावों में जनता जवाब देगी। रायसेन में प्रस्तावित कृषि मेले पर भी सवाल उठाते हुए पटवारी ने कहा कि यह किसानों की समस्याओं से ध्यान भटकाने का प्रयास है। उन्होंने खाद की कमी, बारदाने के संकट और व्यवस्थागत खामियों को लेकर सरकार को घेरा।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे