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मध्य प्रदेश में शासन व्यवस्था पर कांग्रेस का सवाल, केंद्र से हस्तक्षेप की मांग

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मध्य प्रदेश में शासन व्यवस्था पर कांग्रेस का सवाल, केंद्र से हस्तक्षेप की मांग


कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने हादसों, किसानों और कानून-व्यवस्था के मुद्दों पर सरकार को घेरा

भोपाल, 02 मई (हि.स.)। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रदेश की वर्तमान परिस्थितियों को लेकर राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने हाल के बड़े हादसों और उनकी हुई माैताें के साथ ही कानून-व्यवस्था, किसानों की स्थिति और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर चिंता जताते हुए केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है।

जीतू पटवारी ने शनिवार काे अपने बयान में कहा कि प्रदेश में लगातार ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं, जिनमें सामूहिक रूप से लोगों की जान जा रही है। यह केवल हादसे नहीं, बल्कि सरकार की लापरवाही से हो रही मौतें हैं। राजनीतिक जिम्मेदारी पूरी तरह शून्य हो चुकी है। उन्होंने कहा कि वे इस गंभीर स्थिति को लेकर महामहिम राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री को पत्र लिख रहे हैं, ताकि मध्य प्रदेश की विफल शासन व्यवस्था पर केंद्र सरकार संज्ञान ले।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में पानी तक सुरक्षित नहीं है, जहरीले पानी से लोगों की जान जा रही है। दवाइयों की लापरवाही से 26 बच्चों की मौत होना अत्यंत दुखद और शर्मनाक है। एनजीटी की आपत्तियों के बावजूद क्रूज संचालन किया गया, जिसकी लापरवाही से 9 लोगों की जान गई। किसानों के मुद्दे पर पीसीसी चीफ पटवारी ने कहा कि हाल की बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान हुआ है, जिससे किसानों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। प्रदेश में 245 लाख मीट्रिक टन गेहूं उत्पादन हुआ, लेकिन किसानों को मजबूरी में कम दामों पर गेहूं बेचना पड़ा। सरकार किसानों के साथ धोखा कर रही है। उन्होंने मांग की कि गेहूं और धान की भावांतर राशि किसानों को तत्काल दी जाए।

पटवारी ने जानकारी दी कि किसानों के मुद्दों को लेकर 7 तारीख को बड़वानी से मुरैना तक राष्ट्रीय राजमार्ग पर प्रदर्शन प्रस्तावित है। भोपाल में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पर भी उन्होंने सवाल उठाए और कहा कि प्रभावित परिवारों के पुनर्वास पर ध्यान दिया जाना चाहिए। साथ ही, निगम-मंडलों में नियुक्तियों को लेकर पारदर्शिता की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विभिन्न मुद्दों पर व्यापक संवाद और ठोस कदम उठाना समय की मांग है, ताकि आम नागरिकों को राहत मिल सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे