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राजगढ़ः दूषित पानी से मौत व मनरेगा बदलाव के विरोध पर कांग्रेस ने किया मौन धरना, सौंपा ज्ञापन

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राजगढ़ः दूषित पानी से मौत व मनरेगा बदलाव के विरोध पर कांग्रेस ने किया मौन धरना, सौंपा ज्ञापन


राजगढ़,17 जनवरी (हि.स.)। जिला कांग्रेस कमेटी ने शनिवार को जिला कांग्रेस कार्यालय राजगढ़ के सामने मनरेगा में किए गए बदलाव और इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों के विरोध में मौन धरना प्रदर्शन व उपवास किया। कार्यक्रम के समापन पर कांग्रेस ने नायब तहसीलदार को राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में उल्लेेखित है कि मनरेगा अधिनियम 2005 ग्रामीण गरीबों के लिए कानूनी रोजगार गारंटी है, जिसमें बदलाव करना इसके मूल उद्देश्य को कमजोर करना है। भुगतान में देरी, बजट कटौती और केन्द्रीयकरण से ग्रामीण मजदूरों की अजीविका संकट में है, जिसका नकारात्मक प्रभाव महिला, दलित और आदिवासियों पर पड़ रहा है। कांग्रेस ने मांग की है कि मनरेगा को उसके मूल स्वरुप में लागू करें, जिससे ग्रामीण मजदूरों के हित की रक्षा हो सके। वहीं इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों को प्रशासनिक विफलता मानते हुए मांग की है कि मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा, दोषियों पर कार्रवाई और स्वच्छ पेयजल की स्थाई व्यवस्था सुनिश्चित करें। कांग्रेस ने राष्ट्रपति के माध्यम से केन्द्र सरकार से इन मुद्दों पर तत्काल हस्तक्षेप कर न्यायपूर्ण निर्णय लेने का आग्रह किया है।

कांग्रेस ने मनरेगा को ग्रामीण गरीबों के लिए केवल रोजगार योजना नही, बल्कि सम्मान और आजीविका की गारंटी बताया। उन्होंने कहा कि योजना में किए जा रहे संसोधन ग्रामीण अर्थव्यवस्था को कमजोर कर रहे है। धरना प्रदर्शन सुबह 11 से दोपहर 4 बजे तक चला, जिसमें कांग्रेस नेता और कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण ढ़ंग से मौन धारण कर केन्द्र व राज्य सरकार की नीतियों का विरोध किया। इस अवसर पर पूर्व विधायक डाॅ.रामप्रसाद दांगी, बापूसिंह तंवर, हेमराज कल्पोनी, कृष्णमोहन मालवीय, देवेन्द्रसिंह, विजयपाल भाटी सहित विभिन्न ब्लाॅक अध्यक्ष, पदाधिकारी व बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / मनोज पाठक