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गेहूं खरीदी में देरी पर कांग्रेस ने सरकार काे घेरा, व्यापारियों को फायदा पहुंचाने का लगाया आरोप

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गेहूं खरीदी में देरी पर कांग्रेस ने सरकार काे घेरा, व्यापारियों को फायदा पहुंचाने का लगाया आरोप


भोपाल, 04 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश में गेहूं खरीदी में हो रही देरी को लेकर सियासत तेज हो गई है। प्रदेश के पूर्व नेता प्रतिपक्ष और वरिष्ठ कांग्रेस नेता अजय सिंह ने राज्य सरकार पर किसानों की अनदेखी और व्यापारियों को लाभ पहुंचाने का गंभीर आरोप लगाया है।

अजय सिंह ने शनिवार काे बयान जारी कर कहा कि प्रदेश का किसान पहले ही प्राकृतिक आपदाओं, बढ़ती लागत और कर्ज के बोझ से जूझ रहा है। ऐसे में सरकार द्वारा बार-बार गेहूं खरीदी टालना “किसानों के घाव पर नमक छिड़कने” जैसा है। उन्होंने कहा कि किसान समर्थन मूल्य पर उपज बेचने की उम्मीद लगाए बैठे हैं, लेकिन खरीदी शुरू न होने से उन्हें मजबूरी में व्यापारियों को कम कीमत पर गेहूं बेचना पड़ रहा है। इससे किसानों को सीधा आर्थिक नुकसान हो रहा है और कर्ज लेकर खेती करने वाले कई किसान डिफॉल्टर होने की कगार पर पहुंच गए हैं।

बारदाने की कमी पर उठाए सवाल

अजय सिंह ने सरकार के “बारदाने की कमी” के तर्क पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जब खुले बाजार और व्यापारियों के पास पर्याप्त बारदाना उपलब्ध है, तो सरकार किसानों से खरीदी क्यों नहीं कर पा रही। उन्होंने इसे सरकार की मंशा पर सवाल खड़ा करने वाला बताया। उन्होंने कहा कि राजस्थान सहित कई राज्यों में गेहूं खरीदी शुरू हो चुकी है, जबकि मध्यप्रदेश में किसानों को लगातार इंतजार कराया जा रहा है। इससे यह आशंका मजबूत होती है कि खरीदी में देरी व्यापारियों को लाभ पहुंचाने के लिए की जा रही है।

सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग

अजय सिंह ने सरकार से मांग की है कि वह तत्काल गेहूं खरीदी शुरू करे। किसानों से एक-एक दाना समर्थन मूल्य पर खरीदा जाए, खरीदी केंद्रों की संख्या बढ़ाई जाए, बारदाने की पर्याप्त व्यवस्था की जाए और भुगतान की प्रक्रिया भी समयबद्ध रूप से सुनिश्चित की जाए। पूर्व नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि किसानों के साथ यह अन्याय अब बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो यह साफ माना जाएगा कि राज्य की सरकार किसानों के बजाय व्यापारियों के हित में काम कर रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे