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हरदीप पुरी की उम्मीदवारी पर कांग्रेस का हमला, आज प्रदेशभर में पुतला दहन करेगी पार्टी

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हरदीप पुरी की उम्मीदवारी पर कांग्रेस का हमला, आज प्रदेशभर में पुतला दहन करेगी पार्टी


भोपाल, 30 अक्टूबर (हि.स.)। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी को मध्य प्रदेश से राज्यसभा उम्मीदवार बनाए जाने पर कांग्रेस ने भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शुक्रवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कांग्रेस प्रदेश कार्यालय में पत्रकार वार्ता कर इस फैसले पर सवाल उठाए। उन्होंने राज्यसभा सीट के लिए एल. मुरुगन के इस्तीफे के बाद पुरी को उम्मीदवार बनाए जाने पर भी सवाल खड़े किए।

पटवारी ने आरोप लगाया कि भाजपा ने मध्य प्रदेश की राज्यसभा सीट को प्रदेश के राजनीतिक हितों के बजाय दिल्ली के राजनीतिक समीकरणों के लिए इस्तेमाल किया है। उन्होंने पूछा कि क्या प्रदेश में योग्य नेताओं की कमी है, जो उत्तर प्रदेश से राज्यसभा सदस्य रह चुके हरदीप पुरी को मध्य प्रदेश से उम्मीदवार बनाया गया? उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष से इस फैसले के पीछे की वजह सार्वजनिक करने की मांग की।

एप्स्टीन प्रकरण पर पुरी से मांगा स्पष्टीकरण

जीतू पटवारी ने कहा कि सार्वजनिक रूप से सामने आए दस्तावेजों और जानकारियों में वर्ष 2014 से 2017 के बीच हरदीप सिंह पुरी और जेफरी एप्स्टीन के बीच मुलाकातों तथा ईमेल संवाद का उल्लेख किया जा रहा है। उन्होंने सवाल किया कि इन मुलाकातों की परिस्थितियां क्या थीं और पुरी की ओर से प्रतिनिधिमंडल के साथ मुलाकात की जो जानकारी दी गई थी, उससे जुड़ी तस्वीरों और अन्य सार्वजनिक सामग्री पर स्पष्टीकरण क्यों नहीं दिया जा रहा है? उन्होंने कहा कि एप्स्टीन का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गंभीर यौन अपराधों से जुड़े मामले में सामने आया है। ऐसे में सार्वजनिक जीवन में जवाबदेही के लिहाज से उठ रहे सवालों का तथ्यात्मक जवाब दिया जाना चाहिए। पटवारी ने स्पष्ट किया कि उनका सवाल किसी को दोषी ठहराने के बजाय सार्वजनिक जानकारियों और मुलाकातों की परिस्थितियों पर स्पष्टीकरण से जुड़ा है।

दलित सांसद के इस्तीफे और राज्यसभा सीट पर उठाए सवाल

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने एल. मुरुगन के इस्तीफे के बाद हरदीप पुरी को उम्मीदवार बनाए जाने पर भी भाजपा को घेरा। उन्होंने पूछा कि राज्यसभा सीट का फैसला प्रदेश में हुआ या दिल्ली में? भाजपा की प्रदेश कोर कमेटी की इस प्रक्रिया में क्या भूमिका रही? उन्होंने मुख्यमंत्री से पूछा कि प्रदेश के राजनीतिक प्रतिनिधित्व और सम्मान से जुड़े इस फैसले पर वे अपना पक्ष क्यों नहीं रख रहे हैं। पटवारी ने कहा कि भाजपा को यह भी बताना चाहिए कि हरदीप पुरी के मध्य प्रदेश से राज्यसभा जाने पर प्रदेश को क्या लाभ होगा। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को इस मुद्दे पर कांग्रेस के साथ सार्वजनिक मंच पर खुली बहस करने की चुनौती दी।

प्रदेशभर में पुतला दहन का ऐलान

पीसीसी चीफ पटवारी ने घोषणा की कि कांग्रेस शुक्रवार शाम 5 बजे से प्रदेश के सभी जिलों और ब्लॉक स्तर पर विरोध प्रदर्शन करेगी। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, हरदीप सिंह पुरी, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के पुतले दहन किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी इस मुद्दे को प्रदेश की जनता के बीच ले जाएगी। भाजपा की ओर से कांग्रेस के विरोध को सिख समुदाय से जोड़ने के सवाल पर पटवारी ने कहा कि यह किसी धर्म या समुदाय के खिलाफ आंदोलन नहीं है। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति के सार्वजनिक जीवन और उससे जुड़े सवालों पर जवाब मांगने को धार्मिक मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए।

सरकार के तीन साल के कामकाज पर भी घेरेगी कांग्रेस

पत्रकार वार्ता में पटवारी ने राज्यसभा उम्मीदवारी के अलावा प्रदेश सरकार के कामकाज पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार के तीन साल पूरे होने पर कांग्रेस विभिन्न विभागों के कामकाज को लेकर अलग-अलग पत्रकार वार्ताएं करेगी। इनमें भ्रष्टाचार, अपराध, मंत्रियों की जवाबदेही और सरकारी योजनाओं की स्थिति से जुड़े मुद्दे तथ्यों और दस्तावेजों के साथ उठाए जाएंगे। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस अब नियमित रूप से पत्रकार वार्ताओं के माध्यम से सरकार को घेरने की रणनीति पर काम करेगी।

जहरीली शराब और नर्सिंग घोटाले पर भी उठाए सवाल

पटवारी ने देवास में जहरीली शराब से हुई मौतों के मामले में मुख्यमंत्री को प्रभावित गांवों में साथ चलकर स्थिति देखने की चुनौती दी। उन्होंने अवैध शराब की बिक्री और केमिकल की आपूर्ति से जुड़े सवाल उठाते हुए जांच की मांग की। कांग्रेस प्रवक्ता आनंद कासलीवाल के बेटे का नाम सामने आने के सवाल पर उन्होंने कहा कि कार्रवाई व्यक्ति की पहचान के आधार पर नहीं, बल्कि अपराध के तथ्यों के आधार पर होनी चाहिए। नर्सिंग घोटाले का मुद्दा उठाते हुए पटवारी ने मंत्री विश्वास सारंग से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि इस मामले से विद्यार्थियों और उनके परिवारों का भविष्य प्रभावित हुआ है। कांग्रेस की सरकार बनने पर इस मामले की जांच कराने की बात भी कही।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे