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मंदसौरः केशव सत्संग में स्वामी सनिष्ठानंद महाराज के चातुर्मास का हुआ समापन

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मंदसौरः केशव सत्संग में स्वामी सनिष्ठानंद महाराज के चातुर्मास का हुआ समापन


मंदसौर, 26 सितंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मंदसौर स्थित श्री केशव सत्संग भवन खानपुरा में परम पूज्यपाद 1008 स्वामी सनिष्ठानंद जी महाराज का दिव्य चातुर्मास अध्यात्म सत्संग का भव्य आयोजन 29 जुलाई से प्रारंभ हुआ था, जिसका समापन शनिवार को हुआ।

समापन अवसर पर धर्मसभा में सनिष्ठानंद महाराज ने बताया कि जो सत्संग आप सभी ने दो माह से सुना उसे अपने जीवन में उतारें और सदैव दुष्विचारों से दूर रहे और सकारात्मक विचारों को अपने जीवन में लायें ताकि सकारात्मकता से जीवन खुशहाली से चल सके। आपने कहा कि विपरित विचारों को त्यागे तभी जीवन में आगे बढ पायेंगे। सनातनी परंपरा को नहीं छोड़े आज हमारी युवा पीढी पश्चिमी सभ्यता की ओर आर्कषित हो रही है जो कि गलत है हमें हमारी युवा पीढी को सनातनी परंपरा से अवगत कराना होगा क्योंकि हमारी सनातनी परंपरा और संस्कृति बहुत प्रभावशाली और महान है। आपने कहा कि हमें धन, ज्ञान किसी का भी अभिमान नही करना चाहिए यदि सत्संग सुनकर भी हम अभिमान करते है तो हमारा सत्संग सुनने का कोई अर्थ नहीं है। हमें अपने धर्म और कर्म के प्रति सजग रहना चाहिए।

समापन अवसर पर धर्मसभा में केशव सत्संग भवन ट्रस्ट के अध्यक्ष जगदीश चंद्र सेठिया ने कहा कि शास्त्र बहुत विशाल होते है उन्हें पढना और समझना हर किसी के बस में नहीं होता है इसलिए महापुरूष आते है और हमें शास्त्रों का सार सरल भाषा में समझाते है इसी प्रकार स्वामी जी ने हमें दो माह तक शिवमहापुराण के गौड़ रहस्यों से अवगत कराया इसके लिए स्वामी जी का बहुत - बहुत धन्यवाद केशव सत्संग भवन हमारे पुर्वजों का लगाया हुआ एक बगीचा है जो संतों के आने से फलता फुलता रहता है।

इस अवसर पर केशव सत्संग भवन ट्रस्ट के अध्यक्ष जगदीश चंद्र सेठिया, सचिव कारूलाल सोनी एवं अन्य ट्रस्टीयों और उपस्थित भक्तों ने स्वामी जी का शॉल श्रीफल से सम्मान किया। अंत में आभार कारूलाल सोनी ने माना। इस अवसर पर बडी संख्या में महिला पुरूष उपस्थित थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / अशोक झलोया