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दमोह:संभागायुक्त अनिल सुचारी ने विकास कार्यों और स्वास्थ्य सेवाओं का लिया जायजा

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दमोह:संभागायुक्त अनिल सुचारी ने विकास कार्यों और स्वास्थ्य सेवाओं का लिया जायजा


दमोह:संभागायुक्त अनिल सुचारी ने विकास कार्यों और स्वास्थ्य सेवाओं का लिया जायजा


दमोह, 10 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश के सागर संभाग के संभागायुक्त अनिल सुचारी बुधवार को दमोह जिले के दौरे पर रहे। इस दौरान उन्होंने बांदकपुर, हिंडोरिया, दमोह तथा पटेरा विकासखंड के ग्राम सतरिया का भ्रमण कर स्वास्थ्य सेवाओं, प्रधानमंत्री आवास योजना, निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज तथा अन्य विकास कार्यों का निरीक्षण किया।

दौरे की शुरुआत में संभागायुक्त अनिल सुचारी बांदकपुर स्थित प्रसिद्ध जागेश्वरनाथ धाम पहुंचे, जहां उन्होंने भगवान जागेश्वरनाथ का पंचामृत स्नान, जलाभिषेक एवं विधिवत पूजन-अर्चन कर प्रदेश और जिले की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद उन्होंने कुण्डलपुर पहुंचकर बड़े बाबा भगवान आदिनाथ के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

भ्रमण के दौरान कलेक्टर प्रताप नारायण यादव, जिला पंचायत सीईओ प्रवीण फुलपगारे सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

हिंडोरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण करते हुए संभागायुक्त ने मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने हेल्प डेस्क, ओपीडी, एएनसी सेवाएं, परामर्श कक्ष, पुरुष वार्ड, लॉन्ड्री एवं अन्य व्यवस्थाओं की समीक्षा की। हेल्प डेस्क पर पहुंचकर उन्होंने मरीजों और गर्भवती महिलाओं के पंजीयन, उपचार प्रक्रिया तथा उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की और अधिकारियों को निर्देश दिए कि अस्पताल आने वाले प्रत्येक मरीज को सरल, त्वरित एवं सम्मानजनक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं।

निरीक्षण के दौरान ओपीडी के बाहर बड़ी संख्या में मरीजों को प्रतीक्षा करते देखकर संभागायुक्त ने अतिरिक्त कुर्सियां लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने पुरुष प्रसाधन कक्ष का भी निरीक्षण किया तथा हर दो से तीन घंटे में नियमित सफाई सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में केवल उपचार ही नहीं बल्कि मरीजों की सुविधा, स्वच्छता और गरिमा का भी विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए।

परामर्श कक्ष के निरीक्षण के दौरान उन्हें बताया गया कि प्रतिदिन 12 से 15 लोगों को संतुलित पोषण, स्वस्थ खानपान, नियमित दिनचर्या और बेहतर जीवनशैली अपनाने के संबंध में परामर्श दिया जाता है। इस पहल की सराहना करते हुए संभागायुक्त ने कहा कि स्वस्थ जीवनशैली बीमारियों की रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

संभागायुक्त ने पुरुष वार्ड में भर्ती मरीजों से सीधे संवाद कर उपचार, दवाइयों और अस्पताल की सुविधाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। मरीजों ने अस्पताल में मिल रही सेवाओं पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने ग्राम गुंजी की आरती लोधी तथा ग्राम बिलाई की रानी विश्वकर्मा से भी चर्चा कर उपचार संबंधी जानकारी ली। दोनों मरीजों ने अस्पताल में मिल रही सुविधाओं और उपचार व्यवस्था पर संतोष व्यक्त किया।

निरीक्षण के दौरान संभागायुक्त ने अस्पताल में उपलब्ध चादरों, बेडशीट और कंबलों की व्यवस्था की जानकारी लेते हुए जनसहयोग से इन व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य अमले से चर्चा कर अस्पताल में उपलब्ध संसाधनों और सेवाओं की जानकारी प्राप्त की।

अस्पताल परिसर में संभागायुक्त अनिल सुचारी एवं कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने आंवला का पौधा रोपित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने पौधों की नियमित देखभाल और संरक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। संभागायुक्त ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।

इसके बाद संभागायुक्त ने दमोह में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत निर्मित आवासीय परियोजना का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मुख्य नगर पालिका अधिकारी ने बताया कि संबंधित ठेकेदार द्वारा वर्ष 2022 से कार्य बंद कर दिया गया था। कई बार नोटिस जारी किए जाने के बावजूद कार्य प्रारंभ नहीं किया गया, जिसके बाद परिषद द्वारा अनुबंध निरस्त करने का निर्णय लिया गया है।

स्थिति की समीक्षा करते हुए संभागायुक्त ने निर्देश दिए कि पूर्ण रूप से निर्मित 56 एलआईजी भवनों में पुताई एवं रंगाई का कार्य कर उनका विक्रय यथाशीघ्र किया जाए, ताकि भवनों में टूट-फूट और चोरी जैसी घटनाओं की संभावना समाप्त हो सके। साथ ही शेष निर्माणाधीन भवनों के कार्य के लिए शीघ्र नई निविदाएं आमंत्रित कर निर्माण कार्य प्रारंभ कराया जाए।

अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के एएचपी घटक के अंतर्गत दमोह नगर में 1356 ईडब्ल्यूएस आवासों का निर्माण पूर्ण हो चुका है तथा वर्ष 2019 से 2021 के बीच हितग्राहियों को उनका आधिपत्य भी सौंपा जा चुका है। वहीं एलआईजी एवं एमआईजी श्रेणी के कुछ भवनों का निर्माण अभी अधूरा है।

संभागायुक्त ने अपने दौरे के दौरान निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज का भी निरीक्षण किया। इस अवसर पर कलेक्टर प्रताप नारायण यादव, पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी, जिला पंचायत सीईओ प्रवीण फुलपगारे तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। पीआईयू के कार्यपालन यंत्री ने बताया कि मेडिकल कॉलेज भवन और विद्युत फिटिंग का कार्य अंतिम चरण में है तथा 30 जून तक भवन विभाग को हस्तांतरित कर दिया जाएगा। संभागायुक्त ने शैक्षणिक भवन, छात्रावास और पेयजल व्यवस्था की जानकारी लेते हुए निर्माण कार्य समयसीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए।

दौरे के अंतिम चरण में संभागायुक्त पटेरा विकासखंड के ग्राम सतरिया पहुंचे, जहां उन्होंने एक बगिया मां के नाम अभियान के अंतर्गत तैयार की गई फलदार पौधों की बगिया का अवलोकन किया। हितग्राही सुधा दामोदर ने बताया कि बगिया में लगाए गए फलदार पौधों से भविष्य में आय का स्थायी स्रोत विकसित होगा। संभागायुक्त ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह अभियान पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीण आजीविका सुदृढ़ करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

संभागायुक्त अनिल सुचारी ने कहा कि विकास कार्यों की गुणवत्ता, स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कर आमजन को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।

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हिन्दुस्थान समाचार / हंसा वैष्णव