सागर: पेयजल योजनाओं में लापरवाही पर कलेक्टर सख्त, ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट और अधिकारियों को निलंबन की चेतावनी
सागर, 11 मई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के सागर जिले में चल रही पेयजल परियोजनाओं की धीमी गति पर कलेक्टर प्रतिभा पाल ने बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया है। सोमवार को जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि जनहित के कार्यों में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कलेक्टर ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग और जल निगम की परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि 30 जून तक जो निर्माण एजेंसियां अपना लक्ष्य पूर्ण नहीं करेंगी, उन्हें तत्काल ब्लैकलिस्ट किया जाए। केवल इतना ही नहीं, ऐसी एजेंसियों के खिलाफ FIR भी दर्ज कराई जाएगी ताकि भविष्य में वे किसी अन्य सरकारी निविदा में भाग न ले सकें।
बैठक के दौरान कलेक्टर ने पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़कों की स्थिति पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने निर्देश दिए कि खोदी गई सड़कों का रेस्टोरेशन (पुनर्निर्माण) समय सीमा के भीतर किया जाए। भीषण गर्मी को देखते हुए वैकल्पिक जल स्रोतों का चिन्हांकन कर जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए। जिन ठेकेदारों का प्रदर्शन खराब है, उनके अनुभव प्रमाण पत्र में इसका स्पष्ट उल्लेख किया जाए।
श्रीमती प्रतिभा पाल ने केवल ठेकेदारों ही नहीं, बल्कि निगरानी में ढिलाई बरतने वाले अधिकारियों को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि यदि 15 से 30 जून के बीच कार्यों की प्रगति संतोषजनक नहीं पाई गई, तो संबंधित उत्तरदायी अधिकारियों के विरुद्ध निलंबन की कठोर कार्रवाई की जाएगी।
काम की गति प्रभावित न हो, इसके लिए कलेक्टर ने पीएचई के कार्यपालन यंत्री (EE) को निर्देश दिए कि ठेकेदारों के लंबित और वाजिब बिलों का स्वयं परीक्षण करें और 7 दिनों के भीतर भुगतान सुनिश्चित करें। योजना की निरंतरता बनाए रखने के लिए कलेक्टर ने 'सोशल इम्पैक्ट असेसमेंट' और पंचायतों के माध्यम से 'यूजर चार्जेस' की वसूली पर जोर दिया। उन्होंने जल समितियों को सक्रिय करने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने के निर्देश भी दिए। इस उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में जिला पंचायत सीईओ विवेक केवी, जल निगम और पीएचई के वरिष्ठ अधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / मनीष कुमार चौबे

