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जन-विश्वास अभियान की शुरुआत में मुख्यमंत्री का बड़ा एक्शन, सीएमएचओ, तहसीलदार और पटवारी निलंबित

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जन-विश्वास अभियान की शुरुआत में मुख्यमंत्री का बड़ा एक्शन, सीएमएचओ, तहसीलदार और पटवारी निलंबित


छिंदवाड़ा, 7 अगस्त (हि.स.)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को छिंदवाड़ा से प्रदेशव्यापी मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान का शुभारंभ किया। अभियान के दौरान प्राप्त शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्होंने छिंदवाड़ा के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. नरेश गुन्नाड़े, एक तहसीलदार और एक पटवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा कई अधिकारियों और कर्मचारियों की वेतनवृद्धि रोकने के भी निर्देश जारी किए।

मुख्यमंत्री ने कलेक्टर कार्यालय स्थित लोक सेवा केंद्र का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इसके बाद कलेक्ट्रेट परिसर में उद्यमियों, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों से संवाद किया। इस दौरान क्षेत्र के विकास, औद्योगिक संभावनाओं और जनसमस्याओं पर चर्चा हुई तथा कई शिकायतों का मौके पर ही निराकरण किया गया।

डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जन-विश्वास अभियान के माध्यम से प्रदेशभर में जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी सीधे जनता के बीच पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनेंगे। उन्होंने कहा कि जनसंवाद से प्राप्त सुझावों के आधार पर भविष्य की योजनाएं और नीतियां तैयार की जाएंगी, वहीं आमजन की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अब प्रदेश में प्रत्येक शुक्रवार 'नो-मीटिंग डे' के रूप में मनाया जाएगा। इस दिन जिला मुख्यालय से लेकर तहसील स्तर तक जनता दरबार आयोजित होंगे, जिनमें मंत्री, विधायक, कलेक्टर, संभागायुक्त तथा अन्य अधिकारी क्षेत्र में मौजूद रहकर लोगों की शिकायतें सुनेंगे और उनका निराकरण करेंगे। उन्होंने बताया कि इस अभियान के चार प्रमुख आधार संवाद, समाधान, संवेदनशीलता और सादगी हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों को प्राथमिकता दे रही है। प्राकृतिक खेती, पशुपालन और ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ होमस्टे जैसी योजनाओं को प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित हो सकें।

उन्होंने स्पष्ट किया कि जन-विश्वास अभियान के दौरान प्राप्त शिकायतों पर निष्पक्ष और प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। बेहतर कार्य करने वाले अधिकारियों को प्रोत्साहित किया जाएगा, जबकि लापरवाही और उदासीनता बरतने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

हिन्दुस्थान समाचार / sandeep chowhan