राजा शंकर शाह, रघुनाथ शाह को मुख्यमंत्री यादव ने किया नमन, बोले-गोंड राजवंश का त्याग देश हमेशा याद रखेगा
जबलपुर, 18 सितंबर (हि.स.)। 1857 की क्रांति के अमर बलिदानी राजा शंकर शाह और उनके पुत्र कुंवर रघुनाथ शाह के बलिदान दिवस पर शुक्रवार को मध्य प्रदेश के जबलपुर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वीरगति स्थल पहुंचकर दोनों महानायकों की प्रतिमाओं पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। इसके बाद मुख्यमंत्री मालगोदाम स्थित वीर मंच पहुंचे, जहां उन्होंने जनसभा को संबोधित किया।
मुख्यमंत्री के जबलपुर आगमन पर विमानतल पर उनका आत्मीय स्वागत किया गया। वीरगति स्थल पर श्रद्धांजलि देने के बाद आयोजित कार्यक्रम में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू, सांसद आशीष दुबे, राज्यसभा सदस्य सुमित्रा वाल्मीकि, विधायक नीरज सिंह, अशोक रोहाणी, इंदू तिवारी, अजय विश्नोई, नगर अध्यक्ष रत्नेश सोनकर, जेडीए अध्यक्ष संदीप जैन और निगमाध्यक्ष रिंकू विज सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं नागरिक मौजूद रहे।
वीर मंच से संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह गढ़ा मंडला के गौरवशाली गोंड राजवंश से जुड़े थे। उन्होंने कहा कि इस राजवंश ने लंबे समय तक मातृभूमि की रक्षा और त्याग की परंपरा को कायम रखा। मुख्यमंत्री ने कहा कि अंग्रेजी शासन के दौर में राजा शंकर शाह ने अपनी कविताओं और ओजस्वी गीतों के माध्यम से लोगों में स्वाधीनता की भावना जगाई। पिता-पुत्र ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ संघर्ष करते हुए देश और संस्कृति के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।
मुख्यमंत्री ने 1857 के घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि अंग्रेजों ने दोनों वीरों को बंदी बनाया और उन पर देशद्रोह का आरोप लगाकर मृत्युदंड सुनाया। इसके बाद 18 सितंबर 1857 को जबलपुर में राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह को तोप के मुंह से बांधकर शहीद कर दिया गया। उन्होंने कहा कि दोनों वीरों ने अंग्रेजी सत्ता के सामने झुकने या क्षमा मांगने के बजाय मातृभूमि के लिए बलिदान का रास्ता चुना। उनका त्याग आने वाली पीढ़ियों के लिए राष्ट्रभक्ति और साहस की प्रेरणा है।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के जन्मदिन के अवसर पर आयोजित दीपोत्सव को लेकर उठ रहे सवालों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा में दीप प्रज्वलन को शुभ माना गया है और यह भारतीय वैदिक संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़े आयोजनों पर संकीर्ण सोच अथवा राजनीतिक दृष्टिकोण से सवाल उठाना उचित नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के लिए बलिदान देने वाले क्रांतिकारियों की स्मृति समाज में राष्ट्रप्रेम की भावना को मजबूत करती है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह के बलिदान स्थल के सौंदर्यीकरण कार्य की भी सराहना की और इसके लिए नगर निगम प्रशासन को बधाई दी।
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हिन्दुस्थान समाचार / विलोक पाठक

