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अनूपपुर: अवैध कोयला सुरंगें बंद करने कोलकर्मी भर रहें मिट्टी-पत्थर

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अनूपपुर: अवैध कोयला सुरंगें बंद करने कोलकर्मी भर रहें मिट्टी-पत्थर


अनूपपुर: अवैध कोयला सुरंगें बंद करने कोलकर्मी भर रहें मिट्टी-पत्थर


अनूपपुर, 17 जनवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में स्थित एसईसीएल हसदेव क्षेत्र की बंद कपिलधारा भूमिगत खदान में अवैध कोयला सुरंगों को बंद करने का काम किया जा रहा है। शनिवार को पुलिस की मौजूदगी में कार्रवाई जा रही है। कॉलरी सुरक्षा कर्मचारी पहले सुरंगों में आवाज लगाकर यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि अंदर कोई मौजूद न हो, इसके बाद सुरंगों को मिट्टी और पत्थरों से भरा जा रहा है।

अवैध सुरंगों की तलाश कर रहे कर्मचारी

जंगल क्षेत्र में कॉलरी सुरक्षा कर्मचारी संदिग्ध जगहों पर घूम-घूमकर अवैध सुरंगों की तलाश कर रहे हैं। जहां भी सुरंग मिल रही है, उसे मिट्टी और पत्थरों से बंद किया जा रहा है। इस अभियान को लेकर कॉलरी प्रबंधन ने स्थानीय बिजुरी थाना में आवेदन भी दिया है।

कुरजा कॉलरी में पदस्थ माइनिंग इंजीनियर निखिल ने बताया कि सुरक्षा कारणों से इन सुरंगों को पाटा जा रहा है और वहां चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं।

उन्होंने बताया कि करीब दो साल पहले इस खदान को बंद कर दिया गया था। बंद खदानों के अंदर जहरीली गैस होने और सुरंग ढहने का खतरा बना रहता है। माइनिंग इंजीनियर ने बताया कि पहले भी कई घटनाएं हो चुकी हैं, जब अवैध तरीके से कोयला निकालते समय सुरंग ढहने से मजदूरों की मौत हुई है। अनूपपुर जिले में एसईसीएल की जमुना-कोतमा और हसदेव क्षेत्र में करीब आधा दर्जन खदानें बंद हो चुकी हैं, जबकि 18 खदानें अभी चालू हैं।

बंद खदानें कॉलरी प्रबंधन के लिए परेशानी बनी हुई हैं, क्योंकि कोल माफिया स्थानीय लोगों के जरिए अवैध सुरंग बनाकर कोयला चोरी कर रहे हैं। इन खदानों में अवैध उत्खनन के दौरान अब तक कई ग्रामीण मजदूरों, जिनमें महिलाएं और पुरुषों की मौत भी हो चुकी है।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला