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सांची में गूंजा स्वच्छता का संदेश, जनभागीदारी से मना स्वच्छ पर्यटन अभियान

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सांची में गूंजा स्वच्छता का संदेश, जनभागीदारी से मना स्वच्छ पर्यटन अभियान


- अब हर माह एक पर्यटन स्थल से गूंजेगा स्वच्छ पर्यटन का संदेश

- सांची स्तूप परिसर में डस्टबिन स्थापित, दुकानदारों को वितरित किए गए कपड़े के थैले

भोपाल, 25 जुलाई (हि.स.)। विश्व प्रसिद्ध यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल सांची में शनिवार को ‘स्वच्छ पर्यटन अभियान’ के तहत व्यापक स्वच्छता अभियान आयोजित किया गया। मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड एवं इंडियन एसोसिएशन ऑफ टूर ऑपरेटर्स के संयुक्त प्रयासों से आयोजित इस अभियान में स्थानीय समुदाय, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अधिकारियों, ग्राम पंचायत के प्रतिनिधियों, सफाई कर्मियों, एनसीसी के विद्यार्थियों, विद्यार्थियों, पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों और स्वयंसेवकों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।

अभियान का उद्देश्य प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों को स्वच्छ, पर्यावरण-अनुकूल एवं सिंगल-यूज प्लास्टिक मुक्त बनाना तथा स्थानीय समुदाय को स्वच्छ पर्यटन की मुहिम का सक्रिय भागीदार बनाना रहा। इस दौरान मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड के प्रबंध संचालक डॉ. इलैयाराजा टी. ने कहा सांची से प्रारंभ हुआ यह अभियान जनभागीदारी आधारित स्वच्छ पर्यटन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। अब प्रत्येक माह प्रदेश के एक प्रमुख पर्यटन स्थल पर इस प्रकार का स्वच्छ पर्यटन अभियान चलाया जाएगा। हमारा लक्ष्य केवल स्मारकों को स्वच्छ रखना नहीं, बल्कि पूरे मध्य प्रदेश को देश का सबसे स्वच्छ राज्य बनाने की दिशा में कार्य करना है। सांची देश की पहली सोलर सिटी है और बौद्ध धर्म के लिए अत्यंत पवित्र एवं विश्वभर के श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण स्थल है। ऐसे विश्व धरोहर स्थलों की स्वच्छता और संरक्षण की जिम्मेदारी हम सभी की है। प्रदेश के प्रत्येक पर्यटन स्थल पर स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी से स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को एक सामूहिक अभियान का स्वरूप दिया जाएगा। पर्यटन परिसरों की स्वच्छता तभी स्थायी बन सकती है, जब स्थानीय नागरिक, दुकानदार, पर्यटक और प्रशासन मिलकर इसकी जिम्मेदारी निभाएं।

स्वच्छता शपथ के साथ अभियान का शुभारंभ

कार्यक्रम की शुरुआत स्वच्छता शपथ के साथ हुई। उपस्थित प्रतिभागियों ने पर्यटन स्थलों को स्वच्छ, सुंदर और प्लास्टिक-मुक्त बनाए रखने का संकल्प लिया साथ ही सांची स्तूप परिसर में सामूहिक श्रमदान किया गया। मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, ग्राम पंचायत के प्रतिनिधियों, सफाई कर्मियों, पर्यटन हितधारकों, स्थानीय नागरिकों, एनसीसी के विद्यार्थियों और स्वयंसेवकों ने मिलकर परिसर की साफ-सफाई की और स्वच्छ पर्यटन का संदेश दिया। कचरा प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से परिसर में नए डस्टबिन भी स्थापित किए गए।

पर्यावरण संरक्षण एवं प्लास्टिक प्रदूषण को कम करने के उद्देश्य से आसपास के दुकानदारों को कपड़े के थैले वितरित किए गए तथा उन्हें सिंगल-यूज प्लास्टिक के स्थान पर पर्यावरण-अनुकूल विकल्प अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। इसके बाद प्रतिभागियों ने जंबू द्वीप पार्क तक स्वच्छता पैदल मार्च निकाला। इस दौरान स्थानीय समुदाय और पर्यटकों को स्वच्छता, जिम्मेदार पर्यटन तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया।

विद्यार्थियों ने चित्रों के माध्यम से दिया स्वच्छ पर्यटन का संदेश

स्वच्छता के प्रति नई पीढ़ी को जोड़ने के उद्देश्य से उत्कृष्ट विद्यालय, सांची में “स्वच्छ पर्यटन– स्वच्छ भारत” विषय पर चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की गई। विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मक अभिव्यक्ति के माध्यम से स्वच्छ पर्यटन और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

स्वच्छ पर्यटन के लिए जनभागीदारी आवश्यक

आईएटीओ के अध्यक्ष रवि गोसाईं ने कहा कि पर्यटन स्थलों की स्वच्छता देश की सकारात्मक वैश्विक छवि को मजबूत करती है। यदि हमारे पर्यटन स्थल स्वच्छ होंगे तो विश्व स्तर पर भारत की बेहतर पहचान बनेगी। उन्होंने कहा कि “स्वच्छ पर्यटन, देश की शान” केवल एक संदेश नहीं, बल्कि जनभागीदारी का संकल्प है। लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना हम सभी की जिम्मेदारी है। मध्य प्रदेश उन राज्यों में शामिल है, जहाँ इस प्रकार के स्वच्छ पर्यटन अभियान को प्रभावी रूप से आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों से इस अभियान को भविष्य में भी आगे बढ़ाने का आह्वान किया तथा कहा कि आने वाले समय में प्रदेश के अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों पर भी ऐसे अभियान आयोजित किए जाएंगे। अंत में उन्होंने अभियान में सहयोग देने वाले सभी सहभागी संस्थानों, स्थानीय समुदाय, विद्यार्थियों और स्वयंसेवकों का आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अधीक्षण पुरातत्वविद् डॉ. शिवकांत बाजपेयी, आईएटीओ के मानद संयुक्त सचिव विनय त्यागी तथा आईएटीओ मध्य प्रदेश एवं छत्तीसगढ़ चैप्टर के अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह सहित पर्यटन विभाग के अधिकारी, स्थानीय नागरिक, ग्राम पंचायत के प्रतिनिधि, सफाई कर्मी, एनसीसी के विद्यार्थी, एवं पर्यटन उद्योग से जुड़े प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / उम्मेद सिंह रावत