जबलपुरः प्रशासन की तत्परता से टला बाल विवाह, परिजनों ने 18 वर्ष के बाद दिया विवाह का आश्वासन
जबलपुर, 18 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश के जबलपुर में महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम ने समय रहते कार्रवाई कर जिले के बरेला थाना अंतर्गत ग्राम जुनवानी कंचनपुर टोला में होने वाला बाल विवाह रुकवा दिया, 20 अप्रैल को 15 वर्षीय बालिका का विवाह कराया जा रहा था।
सेक्टर पर्यवेक्षक नीरजा वर्मा ने शनिवार को बताया कि सूचना मिली थी कि ग्राम जुनवानी की बालिका का बाल विवाह कराया जा रहा है। आज शनिवार 18 अप्रैल को जाँच दल गाँव पहुँचा। जाँच में पाया गया कि बालिका के आधार कार्ड में जन्म तिथि 01 जनवरी 2012 और जन्म प्रमाण पत्र में 29 जनवरी 2011 दर्ज है। इस हिसाब से बालिका की उम्र लगभग 15 वर्ष है।
जाँच दल में शामिल सेक्टर पर्यवेक्षक नीरजा वर्मा, पर्यवेक्षक चंद्रकांता पटेल, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता दीप्ति विदेही, आंगनबाड़ी सहायिका भारती मेहरा, ग्राम सचिव नंदलाल झारिया और थाना बरेला से कांस्टेबल प्रिंस कुमार पटेल ने बालिका की मां, बड़ी माँ एवं दादी को समझाइश दी।
परिवार को बताया गया कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत बाल विवाह कराने पर 2 वर्ष तक की जेल और 1 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। साथ ही पॉक्सो एक्ट के तहत भी सख्त कार्रवाई होगी। विवाह में शामिल होने वाले पंडित, नाई और बैंड वालों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
समझाइश के बाद बालिका की माता, बड़ी मां एवं दादी ने आश्वासन दिया कि बालिका का विवाह 18 वर्ष की आयु पूरी होने पर ही करेंगे। लड़के के पिता का देहांत हो चुका है, इसलिये उसके मामा से बात की गई। लड़के के मामा ने भी बालिका की 18 वर्ष की आयु पूरी होने पर ही विवाह करने की बात कही। बालिका वर्तमान में 10वीं कक्षा में पढ़ रही है। अधिकारियों ने उसे पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रेरित किया। बालिका लाडली लक्ष्मी योजना की हितग्राही भी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / विलोक पाठक

