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प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर कुकरू पर्यटन का बनेगा प्रमुख केंद्र : मुख्यमंत्री डॉ यादव

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प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर कुकरू पर्यटन का बनेगा प्रमुख केंद्र : मुख्यमंत्री डॉ यादव


प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर कुकरू पर्यटन का बनेगा प्रमुख केंद्र : मुख्यमंत्री डॉ यादव


प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर कुकरू पर्यटन का बनेगा प्रमुख केंद्र : मुख्यमंत्री डॉ यादव


प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर कुकरू पर्यटन का बनेगा प्रमुख केंद्र : मुख्यमंत्री डॉ यादव


प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर कुकरू पर्यटन का बनेगा प्रमुख केंद्र : मुख्यमंत्री डॉ यादव


- मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैतूल के पर्यटन स्थल कुकरू का किया भ्रमण

भोपाल, 28 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बैतूल जिले के हिल स्टेशन कुकरू को प्रदेश के बड़े पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि कुकरू में पर्यटन विकास के लिए 15 करोड़ रुपये की लागत से कुकरू, चिखलदरा, मुक्तागिरी और मेलघाट को जोड़ते हुए एकीकृत टूरिज्म सर्किट विकसित किया जाएगा।

यह बात मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को बैतूल के पर्यटन स्थल कुकरू के भ्रमण के दौरान कही। मुख्यमंत्री ने बैतूल जिले के प्रसिद्ध हिल स्टेशन कुकुरू के रेस्ट हाउस परिसर में योगाभ्यास कर दिन की शुरूआत की। उन्होंने योग कर प्रदेशवासियों को अपनी दैनिक जीवनशैली में योग को शामिल करने का संदेश दिया। प्राकृतिक वादियों के बीच आयोजित योग सत्र में मुख्यमंत्री ने योग साधक की भांति विभिन्न योगासन कर सभी को नियमित योग के प्रति प्रेरित किया।

मुख्यमंत्री ने योगाभ्यास के दौरान मयूरासन, शीर्षासन सहित अन्य आसनों का भी सहजता एवं पारंगत रूप से प्रदर्शन किया। उन्होंने ताड़ासन, वृक्षासन, त्रिकोणासन, भद्रासन, वक्रासन, भुजंगासन एवं शलभासन सहित अनेक योगासनों का स्थानीय ग्रामीणों के साथ सामूहिक अभ्यास किया। साथ ही नाड़ी शोधन, तितली एवं भ्रामरी प्राणायाम भी किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुकरू से पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ कर बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई। साथ ही कुकरू में पर्यटन विकास की कार्ययोजना का प्रेजेंटेशन भी देखा।

ईको टूरिज्म, सनराइज-सनसेट प्वाइंट और पर्यटन सुविधाओं का होगा विकास

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कुकरू में ईको टूरिज्म, सनराइज एवं सनसेट प्वाइंट सहित अन्य प्रमुख दर्शनीय स्थलों का विकास किया जाएगा। पर्यटकों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए यहां आधुनिक सुविधाओं से युक्त ईको रिसोर्ट एवं अन्य पर्यटन अधोसंरचना विकसित की जाएगी। साथ ही ट्रैकिंग सहित विभिन्न एडवेंचर स्पोर्ट्स और रोमांचक गतिविधियां प्रारंभ की जाएंगी। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर कुकरू के पर्यटन विकास के लिए बजट में और वृद्धि भी की जाएगी।

जनजातीय समूहों के लिए बनेंगे होमस्टे, एमपी टूरिज्म करेगा बुकिंग

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय जनजातीय ग्रामीण समूहों को पर्यटन गतिविधियों से जोड़ने के लिए कुकरू में होमस्टे विकसित किए जाएंगे। इन होमस्टे का संचालन मध्यप्रदेश पर्यटन विकास निगम (एमपीटी) के होटलों की तर्ज पर व्यवस्थित रूप से किया जाएगा तथा इनकी बुकिंग की व्यवस्था मध्यप्रदेश टूरिज्म द्वारा की जाएगी। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे।

'कुकरू नेचुरल' के तहत होगा स्थानीय उत्पादों का विपणन

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुकरू अपनी उत्कृष्ट कॉफी के साथ-साथ कोदो कुटकी, आंवला, हनी, हर्रा, बहेड़ा, सफेद मूसली, भिलवा एवं अन्य प्राकृतिक उत्पादों के लिए भी प्रसिद्ध है। इन उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए स्व-सहायता समूहों की महिलाओं तथा वन विभाग के सहयोग से कुकरू नेचुर के नाम से इकाइयां स्थापित की जाएंगी। साथ ही इन उत्पादों के विपणन के लिए वन विभाग द्वारा शहरों में आउटलेट स्थापित किए जाएंगे।

दुग्ध उत्पादों के विक्रय केंद्र होंगे स्थापित

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुकरू क्षेत्र में दुग्ध उत्पादन की अपार संभावनाओं को देखते हुए रबड़ी, मावा, दही सहित अन्य दुग्ध उत्पादों के विक्रय केंद्र भी वन विभाग द्वारा स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि स्थानीय युवाओं को पर्यटन संबंधी रोजगार से जोड़ने के लिए नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के माध्यम से टूरिस्ट गाइड, ड्राइविंग एवं होटल मैनेजमेंट का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इसके अतिरिक्त कुकरू में रोबुस्टा एवं अरेबिका कॉफी के ग्रोइंग, कल्टीवेशन एवं प्रोसेसिंग उत्पादन के लिए एक करोड़ रुपये की लागत से परियोजना स्थापित की जाएगी। कॉफी बोर्ड एवं वन विभाग द्वारा ग्रामीणों को कॉफी उत्पादन के लिए तकनीकी सहयोग भी उपलब्ध कराया जाएगा।

पशुपालन और जल संरक्षण को भी मिलेगा बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम कुकरू में पशुपालकों को उन्नत नस्ल के पशु उपलब्ध कराने तथा पशु शेड निर्माण की कार्ययोजना भी तैयार की जाएगी। इसके साथ ही क्षेत्र में पानी की समस्या के स्थायी समाधान और पर्यटन विकास को गति देने के लिए 5 करोड़ रुपये की लागत से तालाब का निर्माण कराया जाएगा। इसी प्रकार ग्राम कसई में भी तालाब निर्माण के लिए सर्वे कराया जाएगा। क्षेत्र में सड़क, शिक्षा और आधारभूत अधोसंरचना का विस्तार होगा।

मुख्यमंत्री ने स्थानीय ग्रामीणों की मांग पर क्षेत्र के समग्र विकास के लिए अनेक अधोसंरचनात्मक कार्यों की भी घोषणा की। इनमें आयुष विभाग अंतर्गत वेलनेस सेंटर की स्थापना, ग्राम जामुखेड़ा में 70 लाख रुपये की लागत से सड़क निर्माण, ग्राम लोकलदरी में 40 लाख रुपये की लागत से पुलिया निर्माण, ग्राम कसई से भोडियाकुंड तक 85 लाख रुपये की लागत से सड़क निर्माण, ग्राम कसई फाटा से भोडियाकुंड तक 65 लाख रुपये तथा जामुखेड़ा से इमलीढाना तक 65 लाख रुपये की लागत से सड़क निर्माण कार्य शामिल हैं। इसके अतिरिक्त ग्राम खामला में 1.20 करोड़ रुपये की लागत से बालिका छात्रावास तथा ग्राम कसई में 25 लाख रुपये की लागत से शासकीय उचित मूल्य दुकान का निर्माण भी किया जाएगा। अन्य विकास संभावनाओं के संबंध में विस्तृत सर्वे भी कराया जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुकरू में खेत में चलाया हल, किसानों का किया उत्साहवर्धन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुकरू के प्रसिद्ध हिल स्टेशन में ग्रामीण जीवन और कृषि संस्कृति से आत्मीय जुड़ाव का परिचय दिया। मुख्यमंत्री ने किसान सहादेव गायनी के खेत में पहुंचकर स्वयं हल चलाया और मक्का की बोवनी कर किसानों का उत्साहवर्धन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का यह सहज और आत्मीय अंदाज ग्रामीणों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा। खेत में हल चलाते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के अन्नदाताओं के परिश्रम का सम्मान किया और कृषि को राज्य की समृद्धि का आधार बताया।

ग्रामीणों से किया आत्मीय संवाद

मुख्यमंत्री ने कुकरू में आयोजित जन संवाद कार्यक्रम ग्रामीणों से आत्मीय संवाद किया। इस दौरान उन्होंने स्व-सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।

'बैतूल दर्शन' पुस्तिका का विमोचन

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में बैतूल पर्यटन पर केंद्रित 'बैतूल दर्शन' पुस्तिका का विमोचन भी किया। इस पुस्तिका में जिले के प्रमुख पर्यटन, धार्मिक, प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक स्थलों की जानकारी संकलित की गई है। यह पुस्तिका पर्यटकों को बैतूल की समृद्ध पर्यटन विरासत से परिचित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

स्व-सहायता समूह की महिलाओं और नागरिकों को वितरित किए हेलमेट

मुख्यमंत्री ने जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान स्व-सहायता समूह की महिलाओं एवं नागरिकों को हेलमेट वितरित किए। उन्होंने वंदना सावे, सविता आठोले, संतोषी बेलकर, धर्मेंद्र सावे, सायबू आठोले तथा अशोक बेतकर को हेलमेट प्रदान किए।

वन रक्षक भर्ती में चयनित अभ्यर्थियों को सौंपे नियुक्ति-पत्र

मुख्यमंत्री ने वन रक्षक भर्ती परीक्षा में विशेष पिछड़ी जनजाति वर्ग से चयनित 45 अभ्यर्थियों को नियुक्ति प्रमाण पत्र वितरित किए। उन्होंने राजू बेगा, प्रमोद ठकरिया, अजय सहरिया, रानूबाई बैगा तथा ज्योति मिल्थरे को नियुक्ति प्रमाण पत्र प्रदान किए

स्थानीय किसानों को कॉफी उत्पादन से जोड़े

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुकरू स्थित कॉफी बागान का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने कॉफी बागान के इतिहास, भू-गर्भीय परिस्थितियों एवं यहां उपलब्ध प्राकृतिक वातावरण की जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कॉफी की खेती की संभावनाओं पर चर्चा करते हुए स्थानीय किसानों को कॉफी उत्पादन से जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कॉफी उत्पादन क्षेत्र के ग्रामीणों की आय बढ़ाने का सशक्त माध्यम बन सकता है।

मुख्यमंत्री ने कॉफी प्रोसेसिंग का कार्य कर रही ल-वॉन कंपनी के प्रतिनिधियों से चर्चा कर कॉफी प्रोसेसिंग, विपणन एवं क्षेत्र में कॉफी उत्पादन के विस्तार की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया। उल्लेखनीय है कि कुकरू में वर्ष 1944 में ब्रिटिश महिला फ्लोरेंस हेंड्रिक्स द्वारा कॉफी बागान की स्थापना की गई थी। यह कॉफी बागान लगभग 40 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला हुआ है और वर्तमान में क्षेत्र की महत्वपूर्ण प्राकृतिक एवं कृषि धरोहर के रूप में पहचान रखता है।

इस दौरान केन्द्रीय जनजातीय कार्य राज्यमंत्री दुर्गादास उइके, वरिष्ठ विधायक एवं प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल, अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य मंगल सिंह धुर्वे, मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष मोहन नागर, कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे, वन मंडलाधिकारी लक्ष्मीकांत वासनिक, आयुष विभाग के योग प्रशिक्षक सहित बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / उम्मेद सिंह रावत