मुख्यमंत्री भूमि प्रकरण पर जवाब दें या इस्तीफा दें, कांग्रेस चलाएगी चरणबद्ध आंदोलन: जीतू पटवारी
15 जुलाई को मुख्यमंत्री निवास के घेराव का ऐलान, उज्जैन में भी होगा बड़ा प्रदर्शन
भोपाल, 30 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश कांग्रेस ने उज्जैन भूमि प्रकरण को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर निशाना साधते हुए पूरे प्रदेश में चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की है। मंगलवार को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित संयुक्त पत्रकार वार्ता में प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक ने मुख्यमंत्री से आरोपों पर सार्वजनिक जवाब देने की मांग की। पटवारी ने कहा कि यदि मुख्यमंत्री संतोषजनक जवाब नहीं देते हैं तो उन्हें नैतिक आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए।
जीतू पटवारी ने पत्रकार वार्ता में आरोप लगाया कि उज्जैन भूमि प्रकरण में लगातार नए तथ्य सामने आ रहे हैं और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में आस्था और सार्वजनिक संसाधनों से जुड़े कई मामलों पर सवाल उठे हैं, जिनका जवाब सरकार को देना चाहिए। उन्होंने बताया कि कांग्रेस की राजनीतिक मामलों की समिति (पीएसी) की बैठक में युवाओं और शिक्षा से जुड़े मुद्दों, किसानों को खाद-बीज उपलब्ध कराने में आ रही परेशानियों तथा उज्जैन भूमि प्रकरण को लेकर प्रदेशव्यापी आंदोलन चलाने का निर्णय लिया गया है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी संभाग और जिला स्तर पर पत्रकार वार्ताएं आयोजित करेगी। इसके साथ ही एक विशेष पोर्टल शुरू किया जाएगा, जहां आम नागरिक मुख्यमंत्री एवं मंत्रियों की कथित संपत्तियों और भ्रष्टाचार संबंधी जानकारी गोपनीय रूप से साझा कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि सूचनाएं देने वालों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी और तथ्यों के सत्यापन के बाद उन्हें सार्वजनिक किया जाएगा।
पीसीसी चीफ पटवारी ने बताया कि विधानसभा के आगामी सत्र में भी मुख्यमंत्री से इस मामले में जवाब मांगा जाएगा। मुख्यमंत्री जहां-जहां दौरे पर जाएंगे, वहां कांग्रेस के जिलाध्यक्ष सार्वजनिक रूप से उनसे सवाल पूछेंगे। नेता प्रतिपक्ष के नेतृत्व में कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल से मुलाकात कर मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग भी करेगा।
उन्होंने घोषणा की कि 15 जुलाई को भोपाल में मुख्यमंत्री निवास का घेराव किया जाएगा, जबकि जुलाई के अंत तक बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उज्जैन पहुंचकर लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने एक रुपये की लीज पर भूमि आवंटन के मामलों में किन-किन ट्रस्टों और संस्थाओं को लाभ मिला, इसका भी सरकार से जवाब मांगा।
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को पूरी गंभीरता और एकजुटता के साथ उठा रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी मुख्यमंत्री से जुड़े भूमि प्रकरण को लोकतांत्रिक और तथ्यात्मक आधार पर अंत तक उठाएगी। साथ ही उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व के बीच मतभेद की अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि पार्टी पूरी तरह एकजुट है और जनता के हितों के लिए संघर्ष जारी रखेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे

