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चित्रकूट का पवित्र टाठी घाट बना मनचलों का अड्डा, संत समाज ने जताई नाराजगी

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चित्रकूट का पवित्र टाठी घाट बना मनचलों का अड्डा, संत समाज ने जताई नाराजगी


सतना, 26 मई (हि.स.)। सतना जिले के चित्रकूट के चौरासी कोसी तपोवन क्षेत्र में स्थित पवित्र मंदाकिनी तट का टाठी घाट इन दिनों असामाजिक तत्वों और मनचलों का पसंदीदा पिकनिक स्पॉट बनता जा रहा है। धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व वाले इस स्थल पर बढ़ती अव्यवस्था से संत समाज और श्रद्धालुओं में गहरी नाराजगी है।

विंध्य की सुरम्य वादियों के बीच स्थित यह स्थान श्रीराम वन पथ गमन से जुड़ा महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल माना जाता है। स्थानीय बोली में ‘टाठी’ का अर्थ थाली जैसा समतल स्थान होता है, जिसके कारण इस घाट को टाठी घाट कहा जाता है। मंदाकिनी का झरता जल और प्राकृतिक वातावरण इसे बेहद आकर्षक बनाते हैं, लेकिन अब यहां शराबखोरी, हुड़दंग और गंदगी का माहौल देखने को मिल रहा है।

स्थानीय संतों और श्रद्धालुओं के अनुसार घाट पर आए दिन युवाओं की शराब पार्टियां होती हैं। शराब के नशे में धुत लोग नदी में उछलकूद करते हैं, अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हैं और खुलेआम मांसाहार पकाया जाता है। कई लोग बीयर की बोतलें चट्टानों पर फोड़ देते हैं और खाली बोतलें कुंड में फेंक देते हैं, जिससे क्षेत्र की पवित्रता और पर्यावरण दोनों प्रभावित हो रहे हैं।

संतों का कहना है कि असामाजिक गतिविधियों के कारण तपोवन क्षेत्र में साधना करना कठिन हो गया है और कई संत यहां से पलायन करने को मजबूर हुए हैं।

तपोवन क्षेत्र के संतों ने “श्रीराम गमन पथ संरक्षण अभियान” के तहत मुख्यमंत्री मोहन यादव को ज्ञापन भेजकर स्थिति पर चिंता जताई है। ज्ञापन में कहा गया है कि केवल टाठी घाट ही नहीं, बल्कि आरोग्य धाम घाट, सती अनुसुइया पंच प्रयाग घाट, जैतहरी घाट, प्रमोदवन और भरतघाट तक असामाजिक तत्वों का जमावड़ा बढ़ता जा रहा है।

ज्ञापन पर संत मोहनदास, त्रिलोकीनाथ दास, राघव दास, लक्ष्मण दास, रामकिशन दास, रामउदार दास सहित कई संतों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने हस्ताक्षर कर प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है।

अभिमन्यु सिंह ने कहा कि टाठी घाट का धार्मिक और पौराणिक महत्व अत्यंत विशेष है। ऐसे पवित्र स्थल पर फैल रही अव्यवस्था और उत्पात से संत समाज बेहद व्यथित है। उन्होंने आशंका जताई कि यदि जल्द नियंत्रण नहीं किया गया तो किसी बड़ी अनहोनी से इनकार नहीं किया जा सकता। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार शिकायत के बावजूद स्थानीय प्रशासन प्रभावी कार्रवाई नहीं कर पा रहा है।

हिन्दुस्थान समाचार / हीरेन्‍द्र द्विवेदी