मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन, भोपाल में निकाला पैदल मार्च
भोपाल, 08 अक्टूबर (हि.स.)। दिल्ली में निर्वाचन आयोग से जवाब मांगने के लिए प्रदर्शन कर रहे राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और इंडिया गठबंधन के सांसदों को रोके जाने और हिरासत में लिए जाने के विरोध में मध्य प्रदेश कांग्रेस ने गुरुवार को प्रदेशभर में प्रदर्शन किया। भोपाल में कांग्रेस ने ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ पैदल मार्च निकाला, जबकि इंदौर, इटारसी, सागर समेत कई शहरों में कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन, नारेबाजी और पुतला दहन किया। कांग्रेस ने मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवालों पर निर्वाचन आयोग से जवाब देने और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की।
भोपाल में पैदल मार्च व्यापम चौराहे से शुरू होकर बोर्ड ऑफिस चौराहा स्थित डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की प्रतिमा तक पहुंचा। इस दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र, संविधान और मताधिकार की रक्षा का संकल्प लेते हुए चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के दौरान बोर्ड ऑफिस चौराहे पर कांग्रेस नेता सड़क पर बैठ गए और कुछ कार्यकर्ताओं ने सड़क पर लेटकर नारेबाजी की, जिससे कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हुआ। पुलिस बल भी मौके पर तैनात रहा।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रदर्शन के दौरान निर्वाचन आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त के लिए ‘देशद्रोही’ शब्द का इस्तेमाल किया और कहा कि जब तक उनका इस्तीफा नहीं होता, कांग्रेस का विरोध जारी रहेगा। पटवारी ने कहा कि कांग्रेस मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवालों के जवाब मांग रही है। उन्होंने दावा किया कि मध्य प्रदेश से एक लाख कार्यकर्ता दिल्ली जाकर इस मुद्दे पर प्रदर्शन करेंगे।
पटवारी ने कहा कि दिल्ली में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और इंडिया गठबंधन के सांसद मुख्य चुनाव आयुक्त से मिलने जा रहे थे, लेकिन उन्हें रोके जाने और हिरासत में लिए जाने के विरोध में कांग्रेस ने प्रदेशभर में ‘काला दिवस’ मनाया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का संघर्ष किसी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ नहीं, बल्कि मतदाता के अधिकार, संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों से जुड़े सवालों को लेकर है।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने केंद्र सरकार पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि देश में करीब 13 करोड़ लोगों के वोट प्रभावित हुए हैं और सवाल उठाया कि ये वोट किसने चुराए। सिंघार ने कहा कि यह राहुल गांधी या प्रियंका गांधी की व्यक्तिगत लड़ाई नहीं, बल्कि जनता के अधिकारों से जुड़ा मुद्दा है। कांग्रेस नेताओं ने चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाता अधिकारों से जुड़े सवालों के जवाब की मांग दोहराई।
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि जनता के अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाए जा रहे हैं। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात जनता तक पहुंचाती रहेगी और मताधिकार से जुड़े मुद्दों को लेकर आंदोलन जारी रखेगी।
प्रदर्शन में कांग्रेस कार्यकर्ता अलग-अलग पोस्टर और बैनर लेकर पहुंचे। कुछ पोस्टरों में मुख्य चुनाव आयुक्त और निर्वाचन आयोग को लेकर नारे लिखे थे। सागर में कार्यकर्ताओं ने काले कपड़े पहनकर और हाथों में रस्सी बांधकर प्रदर्शन किया तथा पुतला दहन किया। वहीं, भोपाल में कुछ कार्यकर्ता आंबेडकर प्रतिमा के आसपास चढ़कर नारेबाजी करते नजर आए।
प्रदर्शन में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, पूर्व मंत्री पीसी शर्मा, मीडिया विभाग अध्यक्ष मुकेश नायक, विधायक आरिफ मसूद, आतिफ अकील, संगठन महामंत्री संजय कामले, महिला कांग्रेस अध्यक्ष रीना बौरासी, सेवादल प्रदेश अध्यक्ष अवनीश भार्गव, एनएसयूआई अध्यक्ष आशुतोष चौकसे, वरिष्ठ नेता मानक अग्रवाल, जेपी धनोपिया, अरुण श्रीवास्तव, भोपाल शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रवीण सक्सेना, ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष अनोखी मानसिंह पटेल सहित बड
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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे

