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राजगढ़ः फर्जी डिग्रियों से सरकारी नौकरी प्राप्त करने वाले 9 शिक्षकों पर एफआईआर, सेवाएं खत्म

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राजगढ़ः फर्जी डिग्रियों से सरकारी नौकरी प्राप्त करने वाले 9 शिक्षकों पर एफआईआर, सेवाएं खत्म


राजगढ़, 14 जुलाई (हि.स.)। मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले में फर्जी शैक्षणिक दस्तावेजों के आधार पर सरकारी नौकरी हासिल करने का बड़ा मामला सामने आया है। ब्यावरा शहर थाना पुलिस ने मंगलवार को आठ प्राथमिक शिक्षकों और नरसिंहगढ़ थाना पुलिस ने एक श‍िक्षक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं में अपराध दर्ज किया है।

मामला वर्ष 2007 से 2026 के बीच नियुक्ति एवं संविलियन के दौरान कथित रूप से कूटरचित शैक्षणिक दस्तावेज प्रस्तुत कर शासकीय सेवा प्राप्त करने से जुड़ा है। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में पदस्थ सावन पाटीदार की शिकायत पर रमेशचंद्र पुत्र मदनलाल यादव,पवन पुत्र गंगाराम शर्मा,सुनील पुत्र भंवरलाल प्रजापति, हेमंत पुत्र श‍िवचरण शर्मा, सावित्री पुत्री बिहारीलाल दांगी, बनेसिंह पुत्र गोवर्धन लववंशी, भारत सिंह पुत्र पूनमचंद यादव, हरिप्रसाद पुत्र रामसिंह लववंशी और हिम्मतसिंह मीना को आरोपित बनाया गया है। पुलिस ने आरोपित श‍िक्षकों के खिलाफ धारा 318 (4),336 (3), 338, 340(2)बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरु की।

जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी डॉ. गिरीशकुमार मिश्रा के निर्देशन में प्राप्त शिकायतों की जांच कराई गई। माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल और कर्नाटक स्टेट ओपन यूनिवर्सिटी (केएसओयू), मैसूर से कराए गए दस्तावेजों के सत्यापन में कई प्रमाणपत्र अप्रमाणित पाए गए। इसके बाद गठित जांच समिति ने 3 जुलाई 2026 को अपनी अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत की। रिपोर्ट के आधार पर संबंधित शिक्षकों को व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर दिया गया, लेकिन वे सत्यापन प्रतिवेदनों का खंडन नहीं कर सके। इसके बाद नियमानुसार उनकी सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गईं। जांच समिति की अनुशंसा पर जिला शिक्षा अधिकारी ने पुलिस अधीक्षक को आपराधिक कार्रवाई के लिए अलग से विस्तृत प्रतिवेदन भेजा था। विभाग का कहना है कि शासकीय सेवा में फर्जी शैक्षणिक दस्तावेजों के लिए किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। पारदर्शी और निष्पक्ष नियुक्ति प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए दोषियों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी

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हिन्दुस्थान समाचार / मनोज पाठक