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बुरहानपुर का पहला एयरलिफ्ट प्रयास अधूरा: जिंदगी बचाने से आधे घंटे पहले थम गईं ज्योति की सांसें

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बुरहानपुर का पहला एयरलिफ्ट प्रयास अधूरा: जिंदगी बचाने से आधे घंटे पहले थम गईं ज्योति की सांसें


बुरहानपुर, 05 सितंबर (हि.स)। बेहतर इलाज की उम्मीद में परिवार दो दिन से एक-एक पल गिन रहा था। प्रशासन एयर एंबुलेंस बुलाने की कोशिश में जुटा था। शुक्रवार सुबह भोपाल से एयर एंबुलेंस आनी थी, लेकिन खराब मौसम ने उड़ान रोक दी। शनिवार को मौसम ने साथ दिया और पीएम श्री एयर एंबुलेंस ने भोपाल से बुरहानपुर के लिए उड़ान भरी, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। एयर एंबुलेंस के हेलीपैड पर पहुंचने से करीब आधे घंटे पहले ही 38 वर्षीय ज्योति जितेंद्र क्षीरसागर की सांसें थम गईं।

खकनार क्षेत्र के ग्राम मांजरोद कलां निवासी ज्योति हार्ट वाल्व की गंभीर बीमारी से जूझ रही थीं। हालत बिगड़ने के बाद उन्हें बुरहानपुर के ऑल इज वेल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों और परिजन को उम्मीद थी कि उन्हें जल्द इंदौर पहुंचाकर बेहतर उपचार मिल जाए तो स्थिति संभाली जा सकती है। इसी उम्मीद में उन्हें इंदौर के सीएचएल अस्पताल एयरलिफ्ट करने की तैयारी की गई थी। लेकिन दो दिन तक चली कोशिश आखिरकार मरीज को जिंदगी नहीं दे सकी। शनिवार दोपहर करीब 12 बजे एयर एंबुलेंस रेणुका माता क्षेत्र स्थित कृषि उपज मंडी के पास बने हेलीपैड पर उतरी, लेकिन जिस मरीज को लेने वह भोपाल से आई थी, उसकी कुछ देर पहले ही मौत हो चुकी थी।

शुक्रवार काे आनी थी एयर एंबुलेंस, मौसम ने रोक दी उड़ान

ज्योति की गंभीर हालत को देखते हुए परिजन ने उन्हें एयरलिफ्ट कर इंदौर ले जाने का निर्णय लिया था। कलेक्टर हर्ष सिंह के निर्देश पर दो दिन पहले से प्रशासन ने एयरलिफ्ट की प्रक्रिया और आवश्यक तैयारियां शुरू कर दी थीं।

शुक्रवार सुबह करीब 7 बजे भोपाल से एयर एंबुलेंस को बुरहानपुर पहुंचना था। परिवार को उम्मीद थी कि ज्योति जल्द इंदौर पहुंच जाएंगी और वहां उनका उपचार शुरू हो सकेगा। लेकिन खराब मौसम के कारण एयर एंबुलेंस उड़ान नहीं भर सकी। इसके बाद भी प्रयास नहीं रुके। शनिवार को दोबारा एयर एंबुलेंस की व्यवस्था की गई। इस बार विमान ने भोपाल से उड़ान भरी और बुरहानपुर पहुंचा, लेकिन समय मरीज के पक्ष में नहीं रहा।

जिस मरीज को लेने पहुंची मेडिकल टीम, उसकी हो चुकी थी मौत

शनिवार दोपहर करीब 12 बजे पीएम श्री एयर एंबुलेंस रेणुका माता स्थित कृषि उपज मंडी के पास बने हेलीपैड पर पहुंची। एयर एंबुलेंस में विशेष मेडिकल टीम भी मौजूद थी। एयर एंबुलेंस के विशेष चिकित्सक डॉ. अमन रंधावा के मुताबिक महिला को बेहतर उपचार के लिए इंदौर एयरलिफ्ट किया जाना था, लेकिन बुरहानपुर पहुंचने पर जानकारी मिली कि कुछ देर पहले ही उनकी मौत हो गई है। इसके बाद एयरलिफ्ट की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी। दो दिन से जिस एयर एंबुलेंस के आने का इंतजार किया जा रहा था, वह आखिरकार बुरहानपुर पहुंची जरूर, लेकिन ज्योति को इंदौर नहीं ले जा सकी।

2017 में भी हुई थी हार्ट सर्जरी, इस बार हालत हुई गंभीर

ज्योति लंबे समय से हृदय संबंधी समस्या से जूझ रही थीं। वर्ष 2017 में उनकी हार्ट सर्जरी भी हुई थी। इस बार हार्ट वाल्व की बीमारी के कारण उनकी स्थिति गंभीर हो गई थी। उन्हें बुरहानपुर के ऑल इज वेल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से बेहतर उपचार के लिए इंदौर ले जाने की तैयारी हुई। सड़क मार्ग के बजाय मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए एयर एंबुलेंस से ले जाने की व्यवस्था की जा रही थी, ताकि उन्हें जल्द से जल्द इंदौर के अस्पताल पहुंचाया जा सके।

बुरहानपुर से पहला एयरलिफ्ट प्रयास, लेकिन अधूरी रह गई उम्मीद

सीएमएचओ डॉ. आरके वर्मा ने बताया कि महिला को एयरलिफ्ट करने के लिए दो दिन से प्रयास किए जा रहे थे। खराब मौसम के कारण पहले दिन एयर एंबुलेंस नहीं आ सकी। शनिवार को एयर एंबुलेंस बुरहानपुर पहुंची, लेकिन उससे पहले मरीज की मौत हो गई थी। बताया जा रहा है कि बुरहानपुर से किसी मरीज को एयर एंबुलेंस के जरिए दूसरे शहर ले जाने का यह पहला प्रयास था। प्रशासन ने इसके लिए हेलीपैड से लेकर एयर एंबुलेंस और चिकित्सा संबंधी व्यवस्थाएं की थीं। हालांकि इस पूरे घटनाक्रम का सबसे दुखद पहलू यही रहा कि जिस जिंदगी को बचाने के लिए दो दिन से परिवार और प्रशासन प्रयास कर रहे थे, उसे एयर एंबुलेंस का सहारा नहीं मिल पाया। परिजन और रिश्तेदारों ने प्रशासन की ओर से किए गए प्रयासों की सराहना की, लेकिन ज्योति को खोने का दर्द उनके हिस्से रह गया।

हिन्दुस्थान समाचर/नीलेश

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हिन्दुस्थान समाचार / राजू विश्वकर्मा