कांग्रेस को उनके शासन में किये छल, झूठ और वादाखिलाफ़ी के लिए माफ़ी मांगना चाहिए : नीरज सिंह
जबलपुर, 07 मई (हि.स.)। कांग्रेस को किसानों के मुद्दे पर आंदोलन नहीं, बल्कि अपने शासन के दौरान किसानों से किये अपने छल, झूठ और वादाखिलाफी के लिए माफी मांगनी चाहिए और किसानों के नाम पर राजनीति करने वाली कांग्रेस को यह बताना चाहिए कि उसके शासनकाल में किसानों को समर्थन मूल्य पर उपज बेचने की व्यवस्थित सुविधा क्यों नहीं मिलती थी, जबकि भाजपा सरकार बनने के बाद किसानों को सम्मान, बेहतर समर्थन मूल्य और सुविधाएं मिलीं, यह बात भारतीय जनता पार्टी प्रदेश प्रवक्ता विधायक नीरज सिंह लोधी ने भाजपा संभागीय कार्यालय रानीताल में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कही।
नीरज सिंह ने कहा मुलताई में 24 किसानों को गोलियों से भूनने वाली कांग्रेस आज किसान हितैषी बनने का प्रयास कर रही है। किसानों के मुद्दे पर कांग्रेस को आत्ममंथन करना चाहिए। 15 महीने की कमलनाथ सरकार ने किसानों से कर्जमाफी का वादा कर लाखों किसानों को बनाया था डिफॉल्टर, भाजपा सरकार ने किसानों को ब्याज की राहत देकर किसानो को बनाया आत्मनिर्भर ।
नीरज सिंह ने कहा किसानों की बेहतरी के लिए गठित स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को कांग्रेस सरकारों ने वर्षों तक ठंडे बस्ते में रखा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में किसानों को लागत का डेढ़ गुना MSP देने की दिशा में निर्णायक कदम उठाए गए। 2014 में जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार बनी, तब उन्होंने इन सिफारिशों को लागू किया। इसके बाद से ही देश के किसानों को उनकी उपज का लाभकारी समर्थन मूल्य मिलना शुरू हुआ है और अब उनकी दशा सुधर रही है।
उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश आज दलहन, सोयाबीन उत्पादन में देश में प्रथम, गेहूं उत्पादन में द्वितीय तथा खाद्यान्न और तिलहन उत्पादन में अग्रणी राज्यों में शामिल है। कांग्रेस के शासनकाल में जो मध्यप्रदेश गेहूं का आयातक राज्य था, वह आज 47 से अधिक देशों को गेहूं निर्यात कर रहा है। मध्यप्रदेश का बासमती चावल खाड़ी देशों, यूरोप, अमेरिका व अफ्रीकी देशों को भेजा जा रहा है।
कृषि योग्य भूमि के मामले में मध्यप्रदेश देश में चौथे स्थान पर है, इसके बावजूद भी मध्यप्रदेश उत्पादन के मामले में द्वितीय स्थान पर है। यह भाजपा सरकार की किसान हितैषी नीतियों का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
उन्होंने कहा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी को किसानों के मुद्दे पर आरोप लगाने से पहले अपनी पार्टी की 15 महीने की सरकार का रिपोर्ट कार्ड जनता के सामने रखना चाहिए।
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हिन्दुस्थान समाचार / विलोक पाठक

