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उमरिया डीएफओ के खिलाफ भाजपा-कांग्रेस एकजुट, 24 वार्ड पार्षदों ने कलेक्टर को सौंपा शिकायती पत्र

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उमरिया डीएफओ के खिलाफ भाजपा-कांग्रेस एकजुट, 24 वार्ड पार्षदों ने कलेक्टर को सौंपा शिकायती पत्र


उमरिया, 21 जनवरी (हि.स.)। मप्र के उमरिया जिले में पहली बार एक ऐसा दृश्य सामने आया है, जब किसी अधिकारी के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस एक मंच पर नजर आईं। उमरिया जिला मुख्यालय स्थित पुरानी नेशनल हाईवे के रानी दुर्गावती चौक पर वन विभाग के डीएफओ विवेक सिंह द्वारा कराए जा रहे निर्माण कार्य को लेकर सियासत गरमा गई है। मुख्यालय के सभी 24 वार्डों के पार्षदों के साथ कांग्रेस और भाजपा के नेताओं ने संयुक्त रूप से कलेक्टर को शिकायती पत्र सौंपते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

आरोप है कि डीएफओ विवेक सिंह द्वारा वर्षों पुरानी बाउंड्री वॉल को तोड़कर सड़क से सटाकर नई बाउंड्री वॉल बनाई जा रही है। इतना ही नहीं, घर, कार्यालय और बाउंड्री वॉल पर पुट्टी व कलर कराकर शासकीय धन का दुरुपयोग किया जा रहा है। नेताओं का कहना है कि यह निर्माण नगर पालिका की अनुमति के बिना कराया जा रहा है, जिससे सड़क संकरी हो रही है और पानी निकासी की नालियां भी बाधित हो रही हैं।

कांग्रेस नेता एवं पार्षद त्रिभुवन प्रताप सिंह ने कहा कि वन विभाग द्वारा पचासों साल पुरानी सीमाओं को तोड़कर 20 से 30 फीट तक सड़क और फुटपाथ पर कब्जा किया जा रहा है। उमरिया जिला मुख्यालय है, जहां भविष्य में यातायात का दबाव बढ़ेगा। यह क्षेत्र पहले से ही एक्सीडेंटल जोन है। ऐसे में सड़क संकरी करना नगर हितों के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि जहां वन मंडल में बाघों की मौत, अवैध रेत खनन और लकड़ी कटाई जैसे गंभीर मुद्दे हैं, वहां ध्यान देने के बजाय अधिकारी अपने बंगले और बाउंड्री की सजावट में शासन का पैसा बर्बाद कर रहे हैं।

भाजपा के वरिष्ठ नेता ज्ञानेन्द्र सिंह ने भी डीएफओ पर बोला कि उनका बंगला विलासिता का केंद्र बन चुका है। डीएफओ की “सनक” के चलते स्टेशन चौराहे से नए बस स्टैंड तक पुरानी एनएच पर कब्जा किया जा रहा है, जिससे भविष्य की योजनाएं जैसे नाली, पाइपलाइन, पानी सप्लाई और फुटपाथ निर्माण प्रभावित होंगे। यह शहर आम जनता का है, किसी अधिकारी की निजी सनक के लिए नहीं। सभी दलों के पार्षदों ने एक स्वर में मांग की कि जहां पहले बाउंड्री थी, वहीं तक सीमित रखा जाए या सड़क चौड़ीकरण की दिशा में कदम उठाए जाएं। कलेक्टर ने इस मामले में गंभीरता से संज्ञान लेने और संबंधित विभागों को तत्काल कार्य रोकने के निर्देश देने की बात कही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुरेन्‍द्र त्रिपाठी