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बीना रिफाइनरी से सेना के लिए रवाना हुआ अत्यधिक ठंड में भी न जमने वाला एक्सट्रीम वेदर ग्रेड डीजल

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बीना रिफाइनरी से सेना के लिए रवाना हुआ अत्यधिक ठंड में भी न जमने वाला एक्सट्रीम वेदर ग्रेड डीजल


-42 डिग्री सेल्सियस तक तापमान में भी तरल रहेगा ईंधन, 49 वैगन में 32 लाख लीटर की पहली वाणिज्यिक खेप रवाना

सागर, 18 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के सागर जिले की बीना रिफाइनरी ने भारतीय सेना के लिए विकसित एक्सट्रीम वेदर ग्रेड (एक्सडब्ल्यूजी) डीजल की पहली वाणिज्यिक खेप मंगलवार को रवाना की। अत्यधिक ठंड वाले सीमावर्ती क्षेत्रों में सैन्य वाहनों के संचालन को सुगम बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया यह विशेष डीजल शून्य से 42 डिग्री सेल्सियस नीचे तापमान में भी तरल अवस्था में बना रह सकता है।

रिफाइनरी परिसर से रवाना हुई पहली वाणिज्यिक रेक में 49 वैगन के माध्यम से करीब 3,200 किलोलीटर यानी 32 लाख लीटर ईंधन भेजा गया है। यह खेप पंजाब के बठिंडा स्थित रणनीतिक भंडारण केंद्र पहुंचेगी, जहां से इसकी आपूर्ति सियाचिन, पूर्वी लद्दाख, सिक्किम और हिमाचल प्रदेश के दुर्गम सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात सैन्य इकाइयों को की जाएगी। सेना मुख्यालय में थल सेना के महानिदेशक आपूर्ति एवं परिवहन (डीजीएसटी) लेफ्टिनेंट जनरल मुकेश चड्ढा ने रेक को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

अत्यधिक ठंड में सामान्य डीजल के गाढ़ा होने से वाहनों के ईंधन फिल्टर जाम होने और इंजन चालू करने में परेशानी की समस्या सामने आती है। ऐसे हालात में सैन्य वाहनों को चालू रखने के लिए अतिरिक्त उपाय करने पड़ते हैं। बीपीसीएल द्वारा स्वदेशी रूप से विकसित एक्सडब्ल्यूजी डीजल का उद्देश्य इन्हीं चुनौतियों का समाधान करना है। कम तापमान में इसके इस्तेमाल से वाहनों की कोल्ड स्टार्ट क्षमता और संचालन क्षमता बेहतर रहने की उम्मीद है।

विशेष ग्रेड के इस ईंधन में कोल्ड फिल्टर प्लगिंग प्वाइंट को काफी कम किया गया है, जिससे अत्यधिक ठंड में ईंधन फिल्टर के जाम होने की आशंका कम होती है। इसकी एक महत्वपूर्ण विशेषता यह भी है कि इसे मौजूदा सैन्य वाहनों, ट्रकों और टैंकों में किसी तकनीकी बदलाव के बिना इस्तेमाल किया जा सकता है।

एक्सडब्ल्यूजी डीजल को 31 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में थल सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ और भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड के अध्यक्ष संजय खन्ना ने औपचारिक रूप से लॉन्च किया था। इसके महज 17 दिन बाद 17 अगस्त को बीना रिफाइनरी से इसकी पहली वाणिज्यिक रेक रवाना कर दी गई।

इस विशेष ईंधन का विकास बीपीसीएल के कॉर्पोरेट अनुसंधान एवं विकास केंद्र और बीना रिफाइनरी द्वारा किया गया है। कंपनी के अनुसार, यह उत्पाद अत्यधिक ठंड वाले क्षेत्रों में सैन्य ईंधन आपूर्ति की जरूरतों को पूरा करने के साथ देश में ऊर्जा आत्मनिर्भरता और सैन्य तैयारियों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले इंडियन ऑयल द्वारा 2019 में विंटर ग्रेड डीजल और 2022 में ऑल वेदर ग्रेड एचएसडी पेश किया जा चुका है। हालांकि, एक्सट्रीम वेदर ग्रेड डीजल के विकास, औपचारिक लॉन्च और सैन्य आपूर्ति की पहल का श्रेय बीपीसीएल को दिया गया है। कंपनी और केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के स्तर पर इसे आत्मनिर्भर भारत तथा देश की सामरिक तैयारियों से जुड़ी महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया गया है।

बीना रिफाइनरी से विशेष सैन्य ईंधन की आपूर्ति शुरू होने के साथ यह रिफाइनरी देश की ऊर्जा जरूरतों के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण ईंधन उत्पादन के क्षेत्र में भी अपनी भूमिका मजबूत कर रही है।

हिन्दुस्थान समाचार / मनीष कुमार चौबे