राजगढ़ः ब्यावरा की श्रद्धा ने बना दिया मेरी पसंदीदा नगर- कालीचरण महाराज
राजगढ़, 28 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में राष्ट्रीय संत कालीपुत्र कालीचरण महाराज ने गुरुपूर्णिमा महोत्सव से पूर्व मंगलवार को ब्यावरा के वल्लभा परिसर में आयोजित प्रेसवार्ता में कहा कि ब्यावरा की श्रद्धा, सेवा और संगठन शक्ति ने इस नगर को उनकी सबसे पसंदीदा नगरी बना दिया है।
उन्होंने कहा कि अब तक इस तरह के बड़े धार्मिक आयोजन महानगरों में होते रहे हैं, लेकिन ब्यावरा की जनभागीदारी ने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। उन्होंने बताया कि उनका पहला वीडियो भोपाल से वायरल हुआ था, लेकिन यहां के लोगों के स्नेह और आस्था ने उन्हें विशेष रूप से प्रभावित किया।
महाराज ने अपने आध्यात्मिक जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि दस वर्ष की आयु में एक दुर्घटना में उनकी टांग टूट गई थी। उस घटना के बाद मां काली की कृपा से उन्हें नया जीवन मिला और तभी से उन्होंने सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि समाज को धर्म, संस्कार और परिवार की मजबूत नींव पर संगठित होना चाहिए। उनके अनुसार बच्चों के संस्कारों की पहली पाठशाला परिवार है, जबकि वर्तमान शिक्षा व्यवस्था अधिकतर रोजगार तक सीमित होकर रह गई है।
प्रेसवार्ता में उन्होंने राजनीति, शिक्षा, हिंदू समाज की एकजुटता और हिंदू राष्ट्र जैसे विषयों पर भी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि राजनीति का उद्देश्य जनकल्याण होना चाहिए तथा समाज को जातिगत भेदभाव से ऊपर उठकर राष्ट्रहित में मतदान करना चाहिए। साथ ही उन्होंने मंदिरों में होने वाली चोरी की घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। इस दौरान कालीचरण महाराज ने इस्लाम, ईसाई धर्म, हिंदू राष्ट्र और नाथूराम गोडसे को लेकर भी कई विवादित और तीखी टिप्पणियां कीं।
उन्होंने इस्लाम और ईसाई धर्म को लेकर अपने व्यक्तिगत वैचारिक मत व्यक्त किए, हिंदू राष्ट्र की स्थापना की वकालत की तथा नाथूराम गोडसे के संबंध में भी समर्थन जताने वाला बयान दिया। ये टिप्पणियां उनके निजी विचार हैं और विभिन्न वर्गों द्वारा इन पर अलग-अलग मत रखे जाते रहे हैं। उन्होंने कहा कि जैन, बौद्ध और सिख परंपराओं को वे सनातन संस्कृति का हिस्सा मानते हैं तथा हिंदू समाज को संगठित होकर राष्ट्र और धर्म के हित में कार्य करना चाहिए। उन्होंने गोमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने और भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने की मांग भी दोहराई।
महाराज ने बताया कि ब्यावरा में उनका यह पहला गुरुपूर्णिमा महोत्सव है। 28 जुलाई की शाम पीपल चैराहा स्थित मां काली मंदिर में काली पूजन एवं महाआरती का आयोजन होगा। वहीं 29 जुलाई को श्री कालिका अगस्तीश्वर निकुंभला भद्रकाली महायज्ञ, गुरु दीक्षा समारोह और महाप्रसादी का आयोजन किया जाएगा। आयोजन समिति ने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर धार्मिक अनुष्ठानों का लाभ लेने की अपील की।
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हिन्दुस्थान समाचार / मनोज पाठक

