भोपाल में शिक्षक अभ्यर्थियों का हंगामा, नियुक्ति की मांग को लेकर चक्काजाम, सड़क पर लेटीं महिलाएं
भोपाल, 29 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश की राजधानी भाेपाल में प्राथमिक शिक्षक वर्ग-3 के मेरिट होल्डर अभ्यर्थियों ने गुरुवार को नियुक्ति पत्र जारी करने की मांग को लेकर बोर्ड ऑफिस चौराहे पर प्रदर्शन किया।
अभ्यर्थियों ने सड़क पर बैठकर थालियां बजाईं और नारेबाजी की। इससे चौराहे पर यातायात प्रभावित हुआ। पुलिस ने जब प्रदर्शनकारियों को हटाकर रास्ता खुलवाने का प्रयास किया, तो कई अभ्यर्थी सड़क पर लेट गए। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की और खींचतान हुई। महिला अभ्यर्थियों को पुलिसकर्मियों द्वारा खींचकर हटाने की कोशिश के दौरान भावुक माहौल बन गया।
प्रदर्शन कर रहीं महिलाओं ने अपनी नाराजगी जताते हुए कहा कि लंबे समय से नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें राहत नहीं मिली है। पुलिस की कार्रवाई के दौरान एक महिला ने रोते हुए कहा, “आपको कुछ शर्म नहीं आ रही, हमें ऐसे खींचकर ले जा रहे हैं। उस बेचारी दीदी का आज व्रत है।” एक अन्य महिला ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाते हुए कहा कि वे कई दिनों से सड़क पर प्रदर्शन कर रही हैं और उनकी परेशानी पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
‘नियुक्ति नहीं देना है तो जहर दे दो’
प्रदर्शन के दौरान एक महिला अभ्यर्थी ने भावुक होकर कहा, “अगर नियुक्ति नहीं देना है तो हमें जहर दे दो। हमें घर जाने के लिए क्या मार दो आप लोग? क्या हमें जीने का हक नहीं है?” अभ्यर्थियों का कहना है कि वे लंबे समय से नियुक्ति और पदवृद्धि की मांग कर रहे हैं। भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने और परीक्षाएं पास करने के बावजूद जॉइनिंग नहीं मिलने से उनमें नाराजगी बढ़ रही है।
पुलिस जब महिला अभ्यर्थियों को पकड़कर बस की ओर ले जाने लगी, तो उन्होंने विरोध किया। एक अभ्यर्थी ने कहा, “हमको जबरदस्ती घसीटा जा रहा है। हम भी तो शिक्षक हैं… दो-दो एग्जाम इतनी मेहनत से पास किए हैं। हम ऐसे ही थोड़ी न बैठे हैं।” अभ्यर्थियों ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में सफलता हासिल करने के बाद भी नियुक्ति के लिए आंदोलन करना पड़ रहा है। इससे वे मानसिक रूप से परेशान हैं और उनके परिवारों पर भी इसका असर पड़ रहा है।
क्लॉज-49 और डीएलएड की शर्त को लेकर उठाए सवाल
अभ्यर्थियों ने भर्ती नियमों के क्लॉज-49 और दस्तावेज सत्यापन के दौरान डीएलएड डिग्री से संबंधित शर्तों का मुद्दा उठाया। उनका कहना है कि पात्रता और भर्ती नियमों से जुड़े विषयों का स्पष्ट समाधान किया जाना चाहिए, ताकि पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र जारी कर जॉइनिंग दी जा सके।
प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों की मांग है कि शासन और संबंधित विभाग उनकी समस्या पर स्पष्ट निर्णय लें। उनका कहना है कि केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा, बल्कि नियुक्ति को लेकर ठोस कार्रवाई होनी चाहिए। अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगों पर निर्णय नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा।
हिरासत में लेने पर गाया राष्ट्रगान
चक्काजाम के कारण यातायात प्रभावित होने पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को सड़क से हटाने की कोशिश की। इस दौरान कई अभ्यर्थी सड़क पर लेट गए, जबकि कुछ ने एक-दूसरे का हाथ पकड़कर हटने से इनकार कर दिया। पुलिस ने जब प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेना शुरू किया, तो कुछ आंदोलनकारी राष्ट्रगान गाने लगे। पुलिस यातायात बहाल कराने के लिए प्रदर्शनकारियों को हटाने का प्रयास करती रही। प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों की नाराजगी और पुलिस की कार्रवाई के बीच चौराहे पर तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। अभ्यर्थियों का कहना है कि वे नियुक्ति की मांग को लेकर लगातार अपनी आवाज उठा रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ है।
22 दिन पहले भी किया था चक्काजाम
प्राथमिक शिक्षक अभ्यर्थियों ने इससे पहले भी नियुक्ति की मांग को लेकर एमपी नगर चौराहे पर प्रदर्शन किया था। करीब 22 दिन पहले हुए उस आंदोलन के दौरान लगभग चार घंटे तक चक्काजाम रहा था। उस समय एसडीएम लाखन सिंह चौधरी और पुलिस अधिकारियों से बातचीत के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ था।
अभ्यर्थियों ने तब कहा था कि यदि मुख्यमंत्री या शिक्षा मंत्री के स्तर पर बातचीत कर समस्या का समाधान नहीं निकाला गया, तो वे दोबारा आंदोलन करेंगे। अब बोर्ड ऑफिस चौराहे पर हुए प्रदर्शन से स्पष्ट है कि नियुक्ति को लेकर उनकी नाराजगी बनी हुई है। अभ्यर्थियों का कहना है कि नियुक्ति पत्र और जॉइनिंग को लेकर ठोस निर्णय होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे

