भोपाल में 56 दिन से आंदोलन कर रहे शिक्षक अभ्यर्थियों ने किया सीएम हाउस कूच, रोशनपुरा पर पुलिस ने रोका
भोपाल, 15 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश में शिक्षक भर्ती के वर्ग-2 और वर्ग-3 में पदों की संख्या बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों ने गुरुवार को मुख्यमंत्री निवास की ओर कूच किया। डीपीआई के बाहर जुटे अभ्यर्थियों ने रैली निकाली। चेतक ब्रिज पर धरना देने के बाद वे रोशनपुरा चौराहे पहुंचे, जहां पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इस दौरान अभ्यर्थियों ने नारेबाजी कर भर्ती में पदवृद्धि की मांग उठाई।
अभ्यर्थियों के मुताबिक, उनका आंदोलन 56 दिनों से जारी है। इस दौरान वे प्रदर्शन, अनशन और विभिन्न माध्यमों से अपनी मांग सरकार तक पहुंचाने की कोशिश कर चुके हैं, लेकिन अब तक पद बढ़ाने का आदेश जारी नहीं हुआ है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस निर्णय चाहते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा और वे भोपाल नहीं छोड़ेंगे। जरूरत पड़ने पर दिल्ली जाकर भी अपनी बात रखेंगे।
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे अभ्यर्थी नरेंद्र राजपूत ने दावा किया कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी पदवृद्धि की मांग के समर्थन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखा है। राजपूत के मुताबिक, कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी इस मुद्दे पर समर्थन जताया है।
अभ्यर्थियों का कहना है कि जब उनकी मांग को अलग-अलग राजनीतिक नेताओं का समर्थन मिल रहा है, तो सरकार को भर्ती में पदों की संख्या बढ़ाने पर निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने शिक्षा मंत्री से मुलाकात और पहले मिले आश्वासनों का उल्लेख करते हुए कहा कि लंबे समय से समाधान नहीं निकलने के कारण उन्हें मुख्यमंत्री निवास तक मार्च निकालना पड़ा।
अच्छे अंक के बाद भी चयन से बाहर रहने का दावा
सागर जिले की अभ्यर्थी ऋतु सैनी ने कहा कि कई उम्मीदवार चार से पांच साल तक शिक्षक भर्ती की तैयारी करते हैं। उनका दावा है कि सीमित पदों के कारण अच्छे अंक हासिल करने वाले कई अभ्यर्थियों को भी नियुक्ति का अवसर नहीं मिल पाता। इसी वजह से वर्ग-2 और वर्ग-3 में पद बढ़ाने की मांग की जा रही है।
ऋतु के मुताबिक, लंबे समय से खुले में प्रदर्शन करने के कारण अभ्यर्थियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। धूप, बारिश, ठंड और मच्छरों के बीच आंदोलन जारी रखना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने कहा कि कई अभ्यर्थियों की तबीयत भी खराब हुई है। सरकार को उनकी मांग पर गंभीरता से विचार कर निर्णय लेना चाहिए।
अनशन से लेकर रैली तक, जारी है आंदोलन
अभ्यर्थियों ने बताया कि पदवृद्धि की मांग को लेकर आंदोलन के दौरान अनशन भी किया गया था। नरेंद्र राजपूत के अनुसार, उनका अनशन 26 दिन तक चला था, जिसे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने समाप्त कराया था। इसके बाद भी मांग पूरी नहीं होने पर अभ्यर्थियों ने आंदोलन जारी रखा। राजपूत ने कहा कि मुख्यमंत्री निवास तक मार्च निकालने का उद्देश्य सरकार तक अपनी बात सीधे पहुंचाना है। उन्होंने आंदोलनकारियों से बड़ी संख्या में जुटने की अपील करते हुए कहा कि जरूरत पड़ने पर आंदोलन का विस्तार किया जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे

