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भोपाल में मंत्रालय के सामने धरने पर बैठे कांग्रेस विधायक को पुलिस ने हटाया, रीवा में प्रसूता की मौत पर स्वास्थ्य मंत्री  से मांगा इस्तीफा

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भोपाल में मंत्रालय के सामने धरने पर बैठे कांग्रेस विधायक को पुलिस ने हटाया, रीवा में प्रसूता की मौत पर स्वास्थ्य मंत्री  से मांगा इस्तीफा


भोपाल, 09 सितंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के रीवा की सेमरिया विधानसभा से कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा को बुधवार को भोपाल में मंत्रालय के सामने धरने से पुलिस ने हटा दिया।

कांग्रेस विधायक मिश्रा रीवा के गांधी स्मारक अस्पताल में प्रसूता कल्पना मिश्रा और उसके नवजात बच्चे की मौत के मामले में सीबीआई जांच और उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल के इस्तीफे की मांग को लेकर धरने पर बैठे थे।

पुलिस के मुताबिक, मंत्रालय के सामने प्रदर्शन की अनुमति नहीं ली गई थी। कार्रवाई के बाद विधायक को उनके पीएसओ के साथ घर भेज दिया गया।

विधायक करीब आधे घंटे तक धरने पर बैठे रहे। पुलिसकर्मियों ने उन्हें प्रदर्शन समाप्त करने के लिए समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे अपनी मांगों पर अड़े रहे। इसके बाद पुलिस उन्हें वहां से ले गई। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें पुलिसकर्मी विधायक को धरना स्थल से हटाते दिखाई दे रहे हैं। एमपी नगर थाना प्रभारी जयहिंद शर्मा के मुताबिक, विधायक को गिरफ्तार या हिरासत में नहीं लिया गया है। उन्हें धरना स्थल से हटाकर पीएसओ के साथ घर भेजा गया।

कल्पना की मौत को लेकर उठ रहे सवाल

दरअसल 22 वर्षीय कल्पना मिश्रा की 26 अगस्त की रात रीवा के गांधी स्मारक अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हुई थी। प्रसव के लिए अस्पताल में भर्ती कल्पना और उसके नवजात बच्चे की उपचार के दौरान मौत हो गई थी। परिजनों ने डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ पर इलाज में लापरवाही के आरोप लगाए हैं। हालांकि, मौत की वास्तविक वजह और चिकित्सा लापरवाही की जिम्मेदारी जांच के बाद ही तय हो सकेगी। मामले ने उस समय गंभीर रूप लिया, जब कल्पना का मौत से कुछ घंटे पहले का वीडियो सामने आया। इसमें वह अस्पताल से बाहर निकलकर रोते हुए मदद मांगती दिखाई दे रही थी। वीडियो सामने आने के बाद परिजनों ने अस्पताल की व्यवस्थाओं और इलाज को लेकर सवाल उठाए। परिजनों ने जिम्मेदार डॉक्टरों के खिलाफ एफआईआर और स्वतंत्र जांच की मांग की है। परिवार की ओर से इलाज के दौरान 30 हजार रुपए मांगे जाने का आरोप भी लगाया गया है। इस आरोप की भी जांच होना बाकी है।

डॉक्टरों और अधिकारियों समेत छह पर कार्रवाई

मामले में प्रारंभिक कार्रवाई के तहत दो डॉक्टरों और दो नर्सिंग अधिकारियों को निलंबित किया गया है। निलंबित डॉक्टरों में डॉ. सोनल अग्रवाल और डॉ. निधि पांडे शामिल हैं। अस्पताल अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा को भी पद से हटाया गया। उनके स्थान पर डॉ. प्रियांक शर्मा को अधीक्षक का प्रभार दिया गया। इसके बाद श्याम शाह मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. सुनील कुमार अग्रवाल को भी पद से हटाकर सतना मेडिकल कॉलेज स्थानांतरित किया गया, जबकि सतना मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. शशिधर प्रसाद गर्ग को रीवा की जिम्मेदारी दी गई। इस तरह मामले में अधीक्षक समेत कुल छह लोगों पर कार्रवाई की जा चुकी है।

पांच सदस्यीय समिति और मजिस्ट्रियल जांच

सरकार ने मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति गठित की है। समिति को इलाज से जुड़े दस्तावेज, चिकित्सकीय प्रोटोकॉल और संबंधित स्टाफ के बयान की जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा मामले में मजिस्ट्रियल जांच के आदेश भी दिए गए हैं। इसके बावजूद मृतका के परिजन कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं। कल्पना के पिता रामशरण मिश्रा रीवा में धरना-अनशन कर रहे हैं। परिवार नामजद एफआईआर के साथ मामले की स्वतंत्र जांच और सीबीआई जांच की मांग कर रहा है।

एक दिन पहले रीवा में भी हुआ था प्रदर्शन

कल्पना मिश्रा की मौत के विरोध में मंगलवार को युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रीवा में उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल के आवास की ओर बढ़ने का प्रयास किया था। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया था। इसके बाद कांग्रेस ने आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी थी। भोपाल में विधायक अभय मिश्रा को धरने से हटाए जाने के बाद मामला एक बार फिर राजनीतिक रूप से गरमा गया है। कांग्रेस नेताओं ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा है कि कल्पना मिश्रा को न्याय मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे