home page

तीन दिन की गंदगी से मिली राहत, 13 घंटे में चमका भोपाल, सफाईकर्मियों की हड़ताल खत्म होते ही रातभर चला सफाई अभियान

 | 
तीन दिन की गंदगी से मिली राहत, 13 घंटे में चमका भोपाल, सफाईकर्मियों की हड़ताल खत्म होते ही रातभर चला सफाई अभियान


भोपाल, 07 नवंबर (हि.स.)। तीन दिन तक सफाईकर्मियों की हड़ताल के चलते गंदगी से पटी राजधानी भोपाल की तस्वीर महज 13 घंटे में बदल गई। शुक्रवार रात आठ बजे से शुरू हुआ विशेष सफाई अभियान शनिवार सुबह नौ बजे तक लगातार चला। इस दौरान प्रमुख सड़कों, बाजारों और रहवासी इलाकों में एक साथ सफाई कराई गई। न्यू मार्केट सहित शहर के प्रमुख बाजारों की पानी से धुलाई की गई, वहीं गली-मोहल्लों से जमा कचरा उठाया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात के बाद कर्मचारी संगठनों की ओर से हड़ताल खत्म करने का ऐलान किया गया था। इसके बाद ही सफाईकर्मी रात में मैदान में उतर आए।

तीन दिन तक सफाई व्यवस्था ठप रहने से शहर के बाजारों, सड़कों और रहवासी क्षेत्रों में कचरे के ढेर लग गए थे। सात हजार से अधिक सफाईकर्मियों के हड़ताल पर रहने के कारण जगह-जगह गंदगी फैल गई थी। हड़ताल खत्म होने के बाद नगर निगम के अमले ने अभियान चलाकर सफाई व्यवस्था बहाल करने का काम शुरू किया। अखिल भारतीय सफाई मजदूर ट्रेड यूनियन (7262) के प्रदेश अध्यक्ष मगनलाल झांझोट के अनुसार, शनिवार दोपहर तक पूरे शहर की सफाई का लक्ष्य रखा गया था। इसके बाद नियमित सफाई व्यवस्था के तहत रोजाना निकलने वाला कचरा ही शेष रहेगा।

रातभर सड़कों पर उतरा सफाई अमला

हड़ताल खत्म होने के बाद शुक्रवार रात से ही सफाईकर्मियों ने मोर्चा संभाल लिया। सबसे पहले प्रमुख सड़कों और बाजारों से कचरा उठाया गया। इसके बाद गली-मोहल्लों और रहवासी क्षेत्रों में सफाई अभियान चलाया गया। नगर निगम की टीमों ने अलग-अलग क्षेत्रों में पहुंचकर जमा कचरे को हटाया। बाजारों में पानी से धुलाई कर सफाई व्यवस्था को दुरुस्त किया गया।

महापौर और कमिश्नर ने किया निरीक्षण

शुक्रवार रात कलेक्टर प्रियंक मिश्रा, महापौर मालती राय और नगर निगम कमिश्नर रामप्रकाश अहिरवार सहित अन्य अधिकारी 10 नंबर मार्केट पहुंचे। यहां उन्होंने सफाई अभियान में हिस्सा लेते हुए झाड़ू लगाई। शनिवार सुबह महापौर और निगम कमिश्नर ने न्यू मार्केट, चौक बाजार सहित अन्य प्रमुख बाजारों का निरीक्षण किया। महापौर मालती राय ने बताया कि कर्मचारियों ने रातभर कचरा उठाने और सफाई का काम किया। सुबह अधिकारियों की टीम ने बाजारों में पहुंचकर व्यवस्था का जायजा लिया।

मंत्री कृष्णा गौर की पहल पर खत्म हुई हड़ताल

सात हजार से अधिक सफाईकर्मियों की हड़ताल खत्म कराने में मंत्री कृष्णा गौर की पहल अहम रही। उन्होंने यूनियन पदाधिकारियों से चर्चा कर उनकी मांगों और समस्याओं को सुना। इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से उनकी मुलाकात कराई गई। मुख्यमंत्री के साथ हुई चर्चा सकारात्मक रहने के बाद कर्मचारी संगठन ने आंदोलन समाप्त करने का ऐलान किया। इसके साथ ही तीन दिन से ठप पड़ी सफाई व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए रात से ही अभियान शुरू हो गया।

निगम के इतिहास की सबसे बड़ी हड़ताल का दावा

यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष मगनलाल झांझोट के मुताबिक, भोपाल नगर निगम के इतिहास में सफाईकर्मियों की यह सबसे बड़ी हड़ताल थी। उनका दावा है कि इससे पहले लगातार तीन दिन तक सफाई व्यवस्था इस तरह प्रभावित नहीं हुई। कर्मचारियों ने वेतन वृद्धि सहित अपनी मांगों को लेकर पहले भी कई बार जिम्मेदारों का ध्यान आकर्षित किया था, लेकिन समाधान नहीं होने पर उन्होंने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की। हड़ताल के कारण शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हुई। अब आंदोलन समाप्त होने के बाद निगम का पूरा अमला शहर को फिर से साफ-सुथरा बनाने में जुटा है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे