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भोपाल: दानपत्र के जरिए करोड़ों की संपत्ति हड़पने की साजिश, रिटायर्ड दंपती की हत्या में दो सगे भाई गिरफ्तार

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भोपाल: दानपत्र के जरिए करोड़ों की संपत्ति हड़पने की साजिश, रिटायर्ड दंपती की हत्या में दो सगे भाई गिरफ्तार


ऐशबाग डबल मर्डर केस का खुलासा, 1,500 सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंची पुलिस

भोपाल, 15 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश की राजधानी भाेपाल के ऐशबाग क्षेत्र के चर्चित डबल मर्डर केस में भोपाल पुलिस और क्राइम ब्रांच ने करीब 20 दिन बाद सनसनीखेज खुलासा करते हुए दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है।

भाेपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने बुधवार काे हत्याकांड का खुलासा करते हुए बताया कि, रिटायर्ड दंपती हेमंत फिलेमोन और शकुंतला फिलेमोन की हत्या करोड़ों रुपये की संपत्ति हड़पने की नीयत से की गई। आरोपियों ने कथित तौर पर पहले धोखे से दंपती की संपत्ति का दानपत्र (गिफ्ट डीड) अपने पक्ष में तैयार कराया और बाद में संपत्ति हाथ से निकलने की आशंका होने पर हत्या की साजिश रच डाली। पुलिस ने इस मामले में प्रॉपर्टी कारोबारी श्रीकांत चिचलिया (40) और उसके भाई शशिकांत चिचलिया (35) निवासी मकान नं. 231, बिडसर पाम कॉलोनी, कजली खेड़ा, भोपाल को गिरफ्तार किया है। दोनों लंबे समय से दंपती के विश्वासपात्र थे और उनकी संपत्तियों के खरीद-फरोख्त से जुड़े कार्य देखते थे।

26 जून को घर में मिले थे दोनों के शव

26 जून को ऐशबाग थाना क्षेत्र के ओल्ड सुभाष नगर स्थित मकान से दुर्गंध आने पर दूसरी मंजिल पर रहने वाले किरायेदार ने पुलिस को सूचना दी थी। मौके पर पहुंची पुलिस को हेमंत फिलेमोन का शव पलंग पर और उनकी पत्नी शकुंतला फिलेमोन का शव बैठक में मिला था। घटनास्थल से कारतूस के खोखे, गोली और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद हुए थे। फोरेंसिक टीम ने वैज्ञानिक तरीके से जांच कर साक्ष्य एकत्र किए थे।

20 टीमें, 1,500 सीसीटीवी और 100 से अधिक संदिग्धों से पूछताछ

कमिश्नर संजय कुमार ने बताया कि घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया। जांच के दौरान 20 पुलिस टीमों ने करीब 1,500 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, मोबाइल कॉल डिटेल, लोकेशन, डिजिटल साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की मदद से जांच की। पुलिस ने 100 से अधिक संदिग्धों से पूछताछ की और कई जिलों में दबिश दी। जांच के आधार पर दोनों भाइयों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

दानपत्र बना हत्या की वजह

पुलिस के अनुसार, कुछ समय पहले आरोपियों ने इटारसी स्थित दंपती की एक संपत्ति बिकवाई थी। इसी दौरान धोखे से एक दानपत्र तैयार कराया गया, जिसमें दंपती की मृत्यु के बाद सुदामा नगर स्थित करोड़ों रुपये की संपत्ति आरोपियों के नाम होने का उल्लेख था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हाल ही में दंपती ने अपना मकान बेचने का निर्णय लिया था। पुलिस का दावा है कि इससे आरोपियों को आशंका हुई कि यदि संपत्ति बिक गई तो दानपत्र का कोई महत्व नहीं रहेगा। इसी कारण उन्होंने योजनाबद्ध तरीके से हत्या की साजिश रची।

50 हजार का इनाम था घोषित

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महानिदेशक ने आरोपियों की गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। पुलिस का कहना है कि वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचना संभव हुआ।

अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में

पुलिस ने बताया कि मामले में कुछ अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। आर्थिक लेन-देन, कथित दानपत्र और अन्य दस्तावेजों की वैधानिक जांच जारी है। जांच के दौरान यदि अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पूछताछ के आधार पर मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच जारी है।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे