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भोपाल के टाइगर मूवमेंट एरिया में पहाड़ी की कटाई का विरोध, जेसीबी-पोकलेन से खुदाई पर लोगों ने उठाए सवाल

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भोपाल के टाइगर मूवमेंट एरिया में पहाड़ी की कटाई का विरोध, जेसीबी-पोकलेन से खुदाई पर लोगों ने उठाए सवाल


भोपाल, 08 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के टाइगर मूवमेंट एरिया में स्थित एक पहाड़ी पर कथित रूप से पेड़ों की कटाई और खुदाई किए जाने का मामला सामने आया है। बुधवार सुबह जेसीबी और पोकलेन मशीनों से पहाड़ी को समतल किए जाने की जानकारी मिलने पर स्थानीय लोग और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े नागरिक मौके पर पहुंचे और विरोध दर्ज कराया। मामले की शिकायत पुलिस और प्रशासन से भी की गई है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह करीब 11 बजे अकबरपुर गांव के सर्वे नंबर-3 स्थित सरकारी भूमि पर मशीनों की मदद से खुदाई की जा रही थी। इस दौरान कई पेड़ उखड़ गए और पहाड़ी की प्राकृतिक संरचना को नुकसान पहुंचने का आरोप लगाया गया। बाघ विशेषज्ञ एवं पर्यावरणविद् राशिद नूर ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में पेड़ों की कटाई कर अवैध उत्खनन, पहाड़ी की ढलान को समतल करने और अवैध प्लाटिंग का कार्य किया जा रहा है। उनका कहना है कि इस संबंध में पहले भी राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) में शिकायत की जा चुकी है। नूर के अनुसार, एनजीटी ने अपने आदेश में सरकारी भूमि का राजस्व अभिलेखों के आधार पर सीमांकन कराने और कॉलोनी क्षेत्र की सीमा भी स्पष्ट रूप से निर्धारित करने के निर्देश दिए थे। उनका आरोप है कि इन निर्देशों का पालन नहीं किया गया।

राजस्व रिकॉर्ड में छेड़छाड़ का भी आरोप

राशिद नूर ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ प्रभावशाली लोगों ने राजस्व अभिलेखों (खसरा रिकॉर्ड) में कथित रूप से छेड़छाड़ की है। उन्होंने जिला प्रशासन से पटवारी और राजस्व निरीक्षक के माध्यम से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उन्होंने बताया कि दानिश सेक्टर-3 और सेक्टर-5 में अवैध कब्जे से जुड़े मामले पहले से ही तहसील न्यायालय में लंबित हैं। उनका कहना है कि मास्टर प्लान के अनुसार आठ डिग्री से अधिक ढाल वाले क्षेत्र में निर्माण की अनुमति नहीं है, इसके बावजूद यहां प्लाटिंग किए जाने के आरोप सामने आए हैं। स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे