भोपाल में एनएसजी और पुलिस का संयुक्त मॉक ड्रिल, आतंकी हमले की स्थिति में सुरक्षा तैयारियों को परखा
भोपाल, 05 मई (हि.स.) । राजधानी भोपाल में मंगलवार को सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) द्वारा एक उच्च स्तरीय मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। जिसमें आतंकियों के बिल्डिंग में घुसने की स्थिति का सजीव अभ्यास किया गया।
दरअसल, रानी कमलापति रेलवे स्टेशन के समीप स्थित बंसल वन बिल्डिंग में आयोजित इस अभ्यास के दौरान आतंकवादियों के घुसने और नागरिकों को बंधक बनाए जाने जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का सजीव चित्रण किया गया। यह पूरी कवायद पिछले एक महीने से मध्य प्रदेश पुलिस की विभिन्न इकाइयों के साथ चल रहे संयुक्त प्रशिक्षण का समापन हिस्सा थी।
अभ्यास के दौरान एनएसजी कमांडोज ने इमारत में प्रवेश कर आतंकियों को बेअसर करने और वहां फंसे आम लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की बारीकियों का प्रदर्शन किया। इस ऑपरेशन में मध्य प्रदेश पुलिस के बम डिस्पोजल एंड डिटेक्शन स्क्वॉड (बीडीडीएस), फायर ब्रिगेड और एम्बुलेंस सेवाओं को भी शामिल किया गया, ताकि आपातकालीन स्थितियों में सभी विभागों के बीच समन्वय को जांचा जा सके। ड्रिल के चलते एहतियात के तौर पर संबंधित क्षेत्र की घेराबंदी की गई और आम जनता की आवाजाही को सीमित रखा गया था।
एनएसजी के ग्रुप कमांडर कर्नल अभिषेक सिंह ने इस अभ्यास की जानकारी देते हुए बताया कि पिछले एक माह से कमांडोज राज्य पुलिस की काउंटर टेररिस्ट यूनिट्स के साथ गहन प्रशिक्षण ले रहे थे। इस दौरान उन्हें बिल्डिंग इंटरवेंशन, बम डिस्पोजल, टैक्टिकल ड्राइविंग और के-9 यूनिट के साथ काम करने का विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह की ड्रिल का मुख्य उद्देश्य विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच तालमेल बिठाना और रिस्पांस टाइम को कम करना है, जिससे किसी भी आतंकी खतरे के समय प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
रणनीतिक रूप से इस अभ्यास के लिए दो प्रमुख स्थानों का चयन किया गया था। बंसल वन टावर के साथ-साथ भोपाल इंटरनेशनल एयरपोर्ट को भी संभावित लक्ष्य के रूप में शामिल किया गया। महत्वपूर्ण बात यह रही कि टीमों को एयरपोर्ट ड्रिल के बारे में पहले से जानकारी नहीं दी गई थी, ताकि बिना किसी पूर्व तैयारी के उनकी प्रतिक्रिया क्षमता और जमीनी हकीकत का निष्पक्ष आकलन किया जा सके। सुरक्षा अधिकारियों का मानना है कि इस प्रकार के नियमित अभ्यासों से भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों के लिए तंत्र को अपडेट रखने में मदद मिलती है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / उम्मेद सिंह रावत

