भोपाल में महिला कांग्रेस का प्रदर्शन, रीना बोरासी का आरोप- भाजपा महिलाओं को आगे बढ़ाने के बजाय विपक्ष की आवाज दबा रही
भोपाल, 18 जून (हि.स.)। राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त किए जाने के विरोध में महिला कांग्रेस ने गुरुवार को राजधानी भोपाल में प्रदर्शन किया। महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा का पुतला दहन कर विरोध जताया और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपने के लिए कलेक्टर कार्यालय तक पैदल मार्च निकाला। हालांकि रास्ते में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोक दिया, जिसके चलते वे ज्ञापन नहीं सौंप सकीं।
प्रदर्शन के दौरान मध्य प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष रीना बोरासी ने भाजपा पर लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को प्रभावित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा न केवल महिलाओं को पर्याप्त अवसर देने में विफल रही है, बल्कि विपक्षी दलों की महिला नेताओं के लिए भी बाधाएं खड़ी कर रही है। बोरासी ने आरोप लगाया कि मीनाक्षी नटराजन का नामांकन बिना किसी ठोस आधार के निरस्त किया गया।
नामांकन में त्रुटि नहीं थी: बोरासी
रीना बोरासी ने कहा कि मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पत्र में किसी प्रकार की कोई कमी या त्रुटि नहीं थी। जिस नोटिस का हवाला देकर नामांकन निरस्त किया गया, उसके संबंध में नामांकन प्रक्रिया में कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं था। उन्होंने कहा कि देश में कई जनप्रतिनिधियों और नेताओं के खिलाफ विभिन्न प्रकार के मामले लंबित रहते हैं, इसके बावजूद वे चुनाव लड़ते हैं और सार्वजनिक पदों पर बने रहते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने मीनाक्षी नटराजन को राज्यसभा के लिए इसलिए उम्मीदवार बनाया था ताकि वे महिलाओं और आमजन की आवाज संसद में प्रभावी ढंग से उठा सकें, लेकिन राजनीतिक कारणों से उनके रास्ते में बाधा खड़ी की गई।
विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश
महिला कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि यह मामला केवल एक उम्मीदवार तक सीमित नहीं है, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था और विपक्ष की भूमिका से भी जुड़ा हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि विपक्षी उम्मीदवारों के नामांकन इस तरह निरस्त किए जाते रहे तो भविष्य में लोकतांत्रिक प्रतिस्पर्धा प्रभावित होगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे पर अपना संघर्ष जारी रखेगी।
भाजपा के महिला सशक्तिकरण के दावों पर उठाए सवाल
प्रदेश कांग्रेस महामंत्री एवं प्रवक्ता रोशनी यादव ने कहा कि भाजपा महिला सशक्तिकरण और नारी सम्मान की बात करती है, लेकिन व्यवहार में उसके कदम इसके विपरीत दिखाई देते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने राज्यसभा चुनाव में महिला उम्मीदवार को मैदान में उतारा, लेकिन उनके साथ अन्याय किया गया। रोशनी यादव ने आरोप लगाया कि सत्ता और प्रभाव का उपयोग कर कांग्रेस प्रत्याशी को चुनावी प्रक्रिया से बाहर करने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद कांग्रेस विधायक किसी दबाव में नहीं आए और पार्टी लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष करती रहेगी।
राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन में लगाए गंभीर आरोप
महिला कांग्रेस की ओर से राष्ट्रपति के नाम तैयार किए गए ज्ञापन में मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त किए जाने को लोकतांत्रिक मूल्यों, संवैधानिक भावना और महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी पर आघात बताया गया है। संगठन का आरोप है कि सत्ता का दुरुपयोग कर विपक्ष की आवाज को कमजोर करने की कोशिश की गई है।
महिला कांग्रेस की प्रमुख मांगें
-मीनाक्षी नटराजन के नामांकन निरस्तीकरण की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए।
-विपक्षी उम्मीदवारों के नामांकन को प्रभावित करने वाली कथित प्रवृत्तियों पर रोक लगाई जाए।
-संविधान की भावना के अनुरूप विपक्ष के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जाए।
-महिला राजनेताओं की राजनीतिक भागीदारी को सुरक्षित, सम्मानजनक और निष्पक्ष बनाया जाए।
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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे

