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भोपाल में कोटवारों ने किया प्रदर्शन, घटिया वर्दी देने का आरोप, खरीदी की जांच और सेवा भूमि के स्थायी पट्टे की मांग

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भोपाल में कोटवारों ने किया प्रदर्शन, घटिया वर्दी देने का आरोप, खरीदी की जांच और सेवा भूमि के स्थायी पट्टे की मांग


भोपाल, 31 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के 35 हजार से अधिक कोटवार राजस्व विभाग की ओर से ठेकेदारों के माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही वर्दी की गुणवत्ता को लेकर नाराज हैं। उनका आरोप है कि वर्दी के नाम पर करोड़ों रुपए खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन उन्हें घटिया गुणवत्ता के कपड़े और वर्दी दी जा रही है। कोटवारों ने वर्दी खरीदी की प्रक्रिया सार्वजनिक करने के साथ ही इसकी जांच कराने की मांग उठाई है।

आजाद कोटवार संघ के बैनर तले प्रदेशभर से आए कोटवारों ने शनिवार को भोपाल के शाहजहांनी पार्क में प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी लंबित मांगों के निराकरण की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि करीब तीन साल पहले तक वर्दी के लिए उन्हें राशि उपलब्ध कराई जाती थी, लेकिन अब ठेकेदारों के माध्यम से वर्दी दी जा रही है। उनकी शिकायत है कि इस व्यवस्था में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा जा रहा है। कोटवारों ने मांग की कि वर्दी की खरीदी किस प्रक्रिया से की जा रही है, इसकी जानकारी सार्वजनिक की जाए। साथ ही खरीदी में खर्च की गई राशि और आपूर्ति की गुणवत्ता की जांच कराई जाए, ताकि व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।

सेवा भूमि के स्थायी पट्टे देने की मांग

संघ के प्रदेश अध्यक्ष हरवीर सिंह यादव ने बताया कि प्रदेशभर के हजारों कोटवार अपनी मांगों को लेकर भोपाल पहुंचे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्दी के नाम पर बड़ी राशि खर्च होने के बावजूद कोटवारों को गुणवत्तापूर्ण वर्दी नहीं मिल रही है। संघ ने ठेकेदारों के माध्यम से वर्दी उपलब्ध कराने की मौजूदा व्यवस्था की समीक्षा करने और खरीदी की जांच कराने की मांग की है। यादव ने कहा कि कोटवारों को दी गई सेवा भूमि का मालिकाना हक सुनिश्चित करने के लिए स्थायी पट्टे जारी किए जाने चाहिए। प्रदर्शन के दौरान कोटवारों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की और सरकार से जल्द निर्णय लेने की अपील की। संघ पदाधिकारियों ने कहा कि मांगों का स्थायी समाधान होने तक आंदोलन जारी रखा जाएगा।

नियमितीकरण, पदोन्नति और मानदेय बढ़ाने का मुद्दा भी उठाया

कोटवारों ने नियमितीकरण, पदोन्नति और मानदेय में 500 रुपए की बढ़ोतरी की मांग भी रखी। हरवीर सिंह यादव के अनुसार, इन मांगों को लेकर 4 सितंबर 2026 को भोपाल में तिरंगा यात्रा निकालकर सरकार को ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन अब तक मांगों का निराकरण नहीं हुआ है। प्रदर्शन के दौरान ज्ञापन लेने के लिए कोई अधिकारी नहीं पहुंचा। इसके बाद भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) के पदाधिकारी राजेंद्र नायक ने कोटवारों से ज्ञापन प्राप्त किया। कोटवारों ने सरकार से मांगों पर गंभीरता से विचार कर जल्द निर्णय लेने की अपील की।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे