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भोपाल में आईडीबीआई बैंक के निजीकरण के विरोध में कर्मचारियों की हड़ताल, निकाली रैली

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भोपाल में आईडीबीआई बैंक के निजीकरण के विरोध में कर्मचारियों की हड़ताल, निकाली रैली


भोपाल, 03 नवंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश की राजधानी भाेपाल में आईडीबीआई बैंक के निजीकरण के विरोध में बैंक के अधिकारी और कर्मचारी मंगलवार को लगातार दूसरे दिन हड़ताल पर रहे।

हड़ताली कर्मचारियों ने भोपाल के एमपी नगर स्थित बोर्ड ऑफिस चौराहे पर प्रदर्शन किया और रैली निकालकर निजीकरण के खिलाफ आवाज उठाई। इसके बाद आयोजित सभा में वक्ताओं ने केंद्र सरकार से बैंक के निजीकरण की प्रक्रिया तत्काल रोकने और सार्वजनिक क्षेत्र के स्वरूप को बनाए रखने की मांग की।

देशव्यापी आंदोलन के तहत मध्यप्रदेश के आईडीबीआई बैंक कर्मचारी भी हड़ताल में शामिल हुए। कर्मचारियों के काम बंद रखने से बैंक की शाखाओं में नियमित बैंकिंग गतिविधियां प्रभावित हुईं। प्रदर्शन में शामिल कर्मचारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर नारेबाजी की और सरकार के फैसले पर विरोध जताया। हड़ताल को यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस का भी समर्थन मिला।

सार्वजनिक निवेश की सुरक्षा का मुद्दा उठाया

सभा को संबोधित करते हुए यूनियन पदाधिकारियों ने कहा कि आईडीबीआई बैंक को सार्वजनिक धन और भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के निवेश के माध्यम से पुनर्जीवित किया गया था। ऐसे में बैंक का निजीकरण जनहित और सार्वजनिक निवेश के हितों के अनुकूल नहीं है। उन्होंने कहा कि बैंक की परिसंपत्तियों और उसमें लगे सार्वजनिक धन की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। यूनियन पदाधिकारियों ने केंद्र सरकार से निजीकरण की प्रक्रिया रद्द करने और बैंक का सार्वजनिक क्षेत्र का स्वरूप बनाए रखने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार की ओर से मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

यूनियन पदाधिकारियों ने किया संबोधित

यूनाइटेड फोरम ऑफ आईडीबीआई ऑफिसर्स एंड एम्प्लॉइज के प्रवक्ता अनिल परमार ने बताया कि दो दिवसीय हड़ताल के दौरान कर्मचारियों ने प्रदर्शन, रैली और सभा के माध्यम से अपनी मांगें रखीं। सभा को यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस और आईडीबीआई बैंक की विभिन्न ट्रेड यूनियनों के पदाधिकारियों वीके शर्मा, दीपक रत्न शर्मा, विकास सिंह, नागेश पांचाल, आकांक्षा गुप्ता, गुणशेखरन, भगवान स्वरूप कुशवाहा, एमएस जयशंकर, जेपी दुबे, सत्येंद्र चौरसिया, श्रीपाद घोटनकर, एसके गुप्ता और अनंत खरे सहित अन्य वक्ताओं ने संबोधित किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे