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भोपाल: पतियों को प्रवेश न मिलने पर नाराज़ हुईं जिला पंचायत सदस्य, बैठक से बाहर निकलीं

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भोपाल: पतियों को प्रवेश न मिलने पर नाराज़ हुईं जिला पंचायत सदस्य, बैठक से बाहर निकलीं


भोपाल जिला पंचायत की साधारण सभा में शिक्षा, सड़क, बिजली व वन विभाग को लेकर अफसरों से तीखी बहस

भोपाल, 21 जनवरी (हि.स.)। जिला पंचायत भोपाल की साधारण सभा की बैठक बुधवार काे उस समय विवाद की स्थिति में पहुंच गई, जब बैठक में सदस्यों के पतियों व प्रतिनिधियों को प्रवेश न देने पर तीन महिला सदस्य नाराज़ होकर बीच बैठक से बाहर निकल गईं। हालांकि इसके बावजूद बैठक जारी रही और एजेंडे पर चर्चा की गई। इधर, बैठक में अध्यक्ष रामकुंवर गुर्जर और सीईओ इला तिवारी के सामने सदस्यों ने अफसरों को शिक्षा, सड़क, वन और बिजली के मुद्दे पर जमकर घेरा। कई बार तो नोंकझोंक की स्थिति तक बन गईं। इस पर सीईओ तिवारी ने मामले को संभाला।

बैठक बरखेड़ीकलां स्थित क्षेत्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज प्रशिक्षण केंद्र में आयोजित की गई। जिला पंचायत के मीटिंग हॉल में रिनोवेशन कार्य चलने के कारण बैठक का आयोजन यहां किया गया था। इससे पहले सामान्य प्रशासन समिति की बैठक भी हुई। दोनों ही बैठकों के एजेंडे में यह स्पष्ट उल्लेख था कि प्रतिनिधियों को बैठक में मान्यता नहीं दी जाएगी।

प्रतिनिधियों की मौजूदगी पर जताई आपत्ति

बैठक की शुरुआत के बाद जिला पंचायत की सीईओ इला तिवारी ने प्रतिनिधियों की मौजूदगी पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि एजेंडे में पहले ही स्पष्ट किया गया था कि बैठक में केवल निर्वाचित सदस्य ही शामिल होंगे। हालांकि, सदस्य प्रतिनिधि अनिल हाड़ा, सुरेश राजपूत और विनोद राजौरिया बैठक में शामिल हुए। कुछ देर तक प्रतिनिधि बैठक में बैठे रहे, लेकिन बाद में बाहर चले गए। उनके साथ जिला पंचायत सदस्य चंद्रेश राजपूत, बिजिया राजौरिया और देवकुंवर हाड़ा भी बैठक से बाहर निकल गईं।

अफसरों को घेरा, कई मुद्दों पर हुई तीखी नोकझोंक

बैठक में अध्यक्ष रामकुंवर गुर्जर और सीईओ इला तिवारी की मौजूदगी में सदस्यों ने शिक्षा, पीएचई, कृषि, आदिम जाति कल्याण तथा महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं की समीक्षा की। चर्चा के दौरान कई बार अफसरों और जनप्रतिनिधियों के बीच तीखी बहस की स्थिति भी बनी, जिसे सीईओ ने संभाला।

खितवास स्कूल की प्रिंसिपल का मुद्दा उठा

सदस्य विनय मेहर ने खितवास स्थित हायर सेकेंडरी स्कूल में प्रिंसिपल की अनुपस्थिति और साइकिल वितरण न होने का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों द्वारा लगातार शिकायतें की जा रही हैं। अधिकारियों ने बताया कि कलेक्टर द्वारा जांच दल गठित कर दिया गया है। मेहर ने यह भी कहा कि मंत्री विश्वास सारंग द्वारा ओपन जिम लगाने के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन स्कूल प्रबंधन सहयोग नहीं कर रहा। इस पर उपाध्यक्ष जाट ने संबंधित प्रिंसिपल को हटाने की मांग की। जिला शिक्षा अधिकारी एनके अहिरवार ने बताया कि प्रिंसिपल द्वारा न्यायालय से स्थगन आदेश प्राप्त किया गया है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

रिश्वत मांगने का आरोप, कार्रवाई की चेतावनी

उपाध्यक्ष जाट ने बैरसिया जनपद पंचायत के अधिकारियों पर पंचायतों के लिए स्वीकृत सामुदायिक भवनों में रिश्वत मांगने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 10 से 50 हजार रुपये तक की मांग की जा रही है। जाट ने चेतावनी दी कि यदि इस मामले में कार्रवाई नहीं हुई तो वे भूख हड़ताल करने को मजबूर होंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे