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भोपाल: कोलार में सीलिंग के खिलाफ पूर्ण बंद, कारोबारियों ने निकाली 'व्यापार की अर्थी'

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भोपाल: कोलार में सीलिंग के खिलाफ पूर्ण बंद, कारोबारियों ने निकाली 'व्यापार की अर्थी'


- आज तीसरे दिन भी निगम की सीलिंग कार्रवाई जारी रही

भोपाल, 02 अगस्त (हि.स.) । मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के रहवासी इलाकों में नगर निगम की सीलिंग कार्रवाई के विरोध में बुधवार को कोलार व्यापारी महासंघ के आह्वान पर पूरा कोलार बाजार पूरी तरह ठप रहा। कारोबारियों ने 'व्यापार की अर्थी' निकालकर अनोखा प्रदर्शन किया, जबकि नगर निगम लगातार तीसरे दिन 170 से अधिक प्रतिष्ठानों को सील करने की कार्रवाई में जुटा रहा।

बुधवार को भोपाल के कोलार क्षेत्र में सीलिंग की कार्रवाई का व्यापक असर देखने को मिला। कोलार महासंघ के बंद के आह्वान पर कोलार तिराहे से लेकर गोल जोड़ तक का पूरा व्यावसायिक क्षेत्र बंद रहा। इस दौरान डी-मार्ट और शराब दुकानें तक नहीं खुलीं, हालांकि पेट्रोल पंप और मेडिकल स्टोर जैसी आपातकालीन सेवाओं को छूट दी गई थी। दोपहर में व्यापारियों ने एकजुट होकर 'व्यापार की अर्थी' सजाई और जुलूस निकालकर अपना गुस्सा जाहिर किया। कोलार व्यापारी महासंघ के अध्यक्ष सुनील सिंह ने कहा कि नगर निगम की इस कार्रवाई से व्यापारी सड़क पर आ गए हैं और यह विरोध प्रदर्शन उनके अस्तित्व की लड़ाई है।

तीसरे दिन भी जारी रही निगम की कार्रवाई

व्यापारियों के भारी जनाक्रोश के बावजूद नगर निगम अपनी सीलिंग की कार्रवाई रोकने को तैयार नहीं है। मंगलवार को रोशनपुरा चौराहे पर व्यापारियों के 4 घंटे चले चक्काजाम और पुलिस से हुई झड़प के बाद भी बुधवार को तीसरे दिन कार्रवाई जारी रही। निगम की टीमों ने अब तक कुल 170 व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर ताले ठोक दिए हैं, जिससे शहर के व्यावसायिक गलियारों में हड़कंप का माहौल है।

व्यापारियों और रहवासियों के अपने-अपने तर्क

इस विवाद में अब व्यापारियों और क्षेत्र के आम रहवासियों के बीच विरोधाभासी मांगें सामने आ रही हैं। व्यापारियों की मांग है कि भोपाल का नया मास्टर प्लान जल्द लागू किया जाए और रहवासी इलाकों में मिक्स्ड लैंड यूज (मिश्रित भूमि उपयोग) का प्रावधान हो। गुजरात की तर्ज पर अनधिकृत विकास नियमितीकरण कानून-2022 लागू कर राहत दी जाए तथा आगामी त्योहारों को देखते हुए तत्काल सीलिंग पर रोक लगे।

वहीं, रहवासियों का कहना है कि आवासीय क्षेत्रों में चल रही कमर्शियल गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध लगे। रहवासियों का तर्क है कि दुकानों और कैफे के कारण इलाकों में शोर, भारी ट्रैफिक, असामाजिक तत्वों का जमावड़ा और बच्चों के लिए सुरक्षा का खतरा बढ़ गया है, जिससे शांति भंग हो रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उम्मेद सिंह रावत