भोपाल में ब्लैकमेलिंग का वीडियाे, बर्खास्त रेलकर्मी तीन लाख की डील में गिरफ्तार, डेढ़ लाख लेते कैमरे में कैद
भोपाल, 28 फ़रवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश की राजधानी के निशातपुरा इलाके में पुलिस ने शनिवार को रेलवे के बर्खास्त कर्मचारी राजेश तिवारी को ब्लैकमेलिंग के आरोप में रंगे हाथों गिरफ्तार किया। उस पर असलम चमड़ा के करीबी से बदनाम न करने के एवज में 3 लाख रुपए मांगने का आरोप है। पैसे लेते हुए उसका वीडियो भी सामने आया है।
निशातपुरा थाना पुलिस के मुताबिक, आरोपी के पास से करीब 2 ग्राम एमडी (ड्रग्स) और एक अवैध हथियार बरामद किया गया है। उसका मोबाइल फोन जब्त कर फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। पुलिस को फोन से कई संदिग्ध दस्तावेज और वीडियो भी मिले हैं। पुलिस ने बताया कि कार्रवाई शाहजेब खान उर्फ जिब्बी की शिकायत पर की गई। शाहजेब खुद असलम चमड़ा का करीबी है और जहांगीराबाद क्षेत्र का निवासी है। शिकायत में आरोप लगाया गया कि राजेश तिवारी सोशल मीडिया पर लगातार शाहजेब को गोमांस तस्करी और भूमाफिया से जोड़ते हुए वीडियो पोस्ट कर रहा था। इन वीडियो को हटाने और बदनामी रोकने के बदले 3 लाख रुपए की मांग की गई थी। दाे दिन पहले 26 फरवरी को शाहजेब ने निशातपुरा थाने में आवेदन दिया। इसके बाद पुलिस ने योजना बनाकर तय स्थान पर पैसे देने की व्यवस्था कराई और आरोपी को रकम लेते समय पकड़ लिया।
वायरल वीडियो में क्या दिखा?
गिरफ्तारी के बाद जो वीडियो सामने आया है, उसमें राजेश तिवारी और शाहजेब के बीच पैसों को लेकर बातचीत होती दिखाई दे रही है। वीडियो में राजेश कहते सुनाई देता है—“पूरा आज ही कर देता तो अच्छा होता।” इस पर शाहजेब जवाब देता है—“पेमेंट का चेक क्लियर नहीं हो रहा, नहीं तो आज ही पूरा कर देता।” एक क्लिप में शाहजेब अखबार में लिपटी नोटों की गड्डी राजेश को देता है। राजेश नोट गिनते हुए कहता है कि “पचास हजार हैं, कुल डेढ़ लाख हो गए।” दूसरे वीडियो में स्कूटी की डिक्की से नोटों की गड्डी निकालकर राजेश को सौंपी जाती है। बातचीत में रकम जल्द पूरी करने की चर्चा भी सुनाई देती है।
आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया
पुलिस के अनुसार, राजेश तिवारी पर पहले से भी गंभीर आरोप दर्ज हैं। रेलवे में नौकरी के दौरान उस पर एक महिला के साथ दुष्कर्म का मामला दर्ज हुआ था। उसके खिलाफ हत्या की कोशिश का केस भी बताया जा रहा है। राजेश खुद को सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर बताता है और कथित तौर पर प्रभावशाली लोगों के खिलाफ वीडियो पोस्ट करता रहा है।
पहले भी आ चुका है चर्चा में
अगस्त 2025 में मछली गैंग के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई के दौरान भी राजेश तिवारी सुर्खियों में आया था। बुलडोजर कार्रवाई के समर्थन में वह तिरंगा लेकर मौके पर पहुंचा था और मीडिया के सामने खुद को पीड़ित बताते हुए गैंग पर अपहरण और मारपीट के आरोप लगाए थे। हालांकि पुलिस जांच में उसके आरोपों के ठोस प्रमाण नहीं मिले थे। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। जब्त मोबाइल और अन्य साक्ष्यों की फोरेंसिक रिपोर्ट के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे

