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भोपाल: अयोध्या बायपास चौड़ीकरण के लिए अर्जुन नगर की 38 झुग्गियां हटाई गईं, परिवारों का लालपुरा में पुनर्वास

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भोपाल: अयोध्या बायपास चौड़ीकरण के लिए अर्जुन नगर की 38 झुग्गियां हटाई गईं, परिवारों का लालपुरा में पुनर्वास


भोपाल, 10 मई (हि.स.)। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में अयोध्या बायपास को 10 लेन सड़क में विकसित करने की परियोजना के तहत रविवार को अर्जुन नगर क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। जिला प्रशासन और नगर निगम की संयुक्त कार्रवाई में 38 पक्की झुग्गियों को हटाया गया। प्रभावित परिवारों को जमुनिया ग्राम पंचायत के लालपुरा गांव में शिफ्ट किया गया है।

गोविंदपुरा एसडीएम भुवन गुप्ता ने बताया कि प्रभावित परिवारों को पहले ही नोटिस जारी किए जा चुके थे। शनिवार को क्षेत्र में मुनादी कर लोगों से मकान खाली करने की अपील भी की गई थी। इसके बाद कई परिवारों ने स्वेच्छा से अपने घर खाली कर दिए, जबकि शेष निर्माणों को रविवार को प्रशासन ने हटाया।

सुबह करीब 8 बजे पुलिस बल की मौजूदगी में कार्रवाई शुरू हुई। नगर निगम के अमले ने जेसीबी मशीनों की मदद से निर्माण हटाए। अतिक्रमण प्रभारी शैलेंद्र सिंह भदौरिया के अनुसार कार्रवाई दोपहर करीब 3 बजे तक चली और इसमें निगम के 50 से अधिक कर्मचारी शामिल रहे। प्रशासन के मुताबिक, जिन मकानों का हिस्सा पूरी तरह सड़क परियोजना की जद में आ रहा था, उन्हें पूरी तरह हटाया गया, जबकि कुछ निर्माण आंशिक रूप से तोड़े गए। सभी प्रभावित परिवारों को वैकल्पिक स्थान पर शिफ्ट करने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।

बाग मुगालिया एक्सटेंशन में पुनर्वास का विरोध

इधर, दीपक नगर बावड़ियाकलां की झुग्गी बस्ती के कुछ परिवारों को बाग मुगालिया एक्सटेंशन क्षेत्र में शिफ्ट किए जाने का स्थानीय लोगों ने विरोध किया। करीब 35 परिवारों के पुनर्वास को लेकर रविवार को क्षेत्रवासियों ने नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। स्थानीय रहवासियों और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े लोगों का कहना है कि जिस स्थान पर परिवारों को बसाया जा रहा है, वहां ग्रीन बेल्ट क्षेत्र है और उसके ऊपर से हाईटेंशन लाइन गुजर रही है। उनका तर्क है कि इससे पर्यावरण और सुरक्षा दोनों पर असर पड़ सकता है।

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि यह स्थान श्मशान घाट के पास स्थित है और यहां बड़ी संख्या में पेड़ मौजूद हैं। लोगों ने “पेड़ कटेंगे, हम कटेंगे” जैसे नारे लगाते हुए हरियाली और सार्वजनिक स्थानों को बचाने की मांग की। प्रशासन की ओर से फिलहाल मामले को लेकर स्थिति स्पष्ट करने और स्थानीय लोगों से संवाद की प्रक्रिया जारी है।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे