भोपाल: किराया बढ़ाने की मांग को लेकर ऑटो चालकों का अनोखा प्रदर्शन, फटे कपड़े दिखाकर जताई नाराजगी
भोपाल, 08 जून (हि.स.)। पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की लगातार बढ़ती कीमतों से परेशान ऑटो चालकों ने सोमवार को राजधानी भोपाल में अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया।
रायसेन रोड स्थित छावनी पठार क्षेत्र में बड़ी संख्या में ऑटो चालक एकत्र हुए और हाथों में फटे अंडरवियर लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि बढ़ती महंगाई और ईंधन की कीमतों ने उनकी आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर कर दी है कि रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना भी मुश्किल हो गया है।
रायसेन रोड स्थित शनि मंदिर के पास आयोजित इस प्रदर्शन में ऑटो चालकों ने किराया बढ़ाने की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वर्षों से ऑटो किराए में कोई संशोधन नहीं हुआ है, जबकि ईंधन की कीमतें लगातार बढ़ती जा रही हैं। इसका सीधा असर उनकी आय और परिवार के भरण-पोषण पर पड़ रहा है। ऑटो संगठन के अध्यक्ष संजू अहिरवार ने बताया कि सीएनजी ऑटो में प्रतिदिन करीब 500 रुपये की गैस भरवानी पड़ती है। इसके बाद पूरे दिन की मेहनत से लगभग 1200 रुपये की कमाई होती है। इसमें से ईंधन खर्च निकालने के बाद जो राशि बचती है, उसी से वाहन की किश्त, रखरखाव और परिवार का खर्च चलाना पड़ता है। ऐसे में प्रतिदिन की वास्तविक बचत बेहद कम रह जाती है।
फटे अंडरवियर से बयां की आर्थिक परेशानी
प्रदर्शन के दौरान चालकों ने फटे अंडरवियर दिखाकर अपनी बदहाल आर्थिक स्थिति का प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि बढ़ती महंगाई, वाहन की किश्तें, ईंधन खर्च और घरेलू जिम्मेदारियों के बीच उनकी आमदनी लगातार घटती जा रही है। कई चालकों ने कहा कि दिनभर मेहनत के बावजूद परिवार की बुनियादी जरूरतें पूरी करना मुश्किल हो रहा है। ऑटो चालकों का कहना है कि सरकार को मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए ऑटो किराए का पुनर्निर्धारण करना चाहिए। उनका तर्क है कि किराया बढ़ने से ही वे वाहन की किश्त समय पर चुका पाएंगे और अपने परिवार का सम्मानजनक तरीके से पालन-पोषण कर सकेंगे।
मेहनतकश वर्ग पर महंगाई की मार
ऑटो चालक पुषेंद्र अहिरवार, विशाल और राजेश ने कहा कि महंगाई का सबसे ज्यादा असर मेहनतकश और दैनिक आय पर निर्भर लोगों पर पड़ रहा है। ईंधन की बढ़ती कीमतों के कारण रोजाना की कमाई का बड़ा हिस्सा खर्च हो जाता है, जिससे बचत की गुंजाइश लगभग खत्म हो गई है। चालकों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे

